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चीन ने अरुणाचल पर कब्जा किया? सेना ने खोली फर्जी वीडियो की पोल, रिजिजू ने कांग्रेस से मांगी माफी

अरुणाचल प्रदेश में चीन की घुसपैठ और भारतीय सेना को जरूरी सामान नहीं मिलने के दावों को लेकर देश की राजनीति में विवाद खड़ा हो गया. भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो वीडियो को भ्रामक और फर्जी बताया है.

Shilpa Shrivastava
चीन ने अरुणाचल पर कब्जा किया? सेना ने खोली फर्जी वीडियो की पोल, रिजिजू ने कांग्रेस से मांगी माफी
Courtesy: Pinterest

अरुणाचल प्रदेश में चीन की घुसपैठ और भारतीय सेना को जरूरी सामान नहीं मिलने के दावों को लेकर देश की राजनीति में विवाद खड़ा हो गया. भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो वीडियो को भ्रामक और फर्जी बताया है. इनमें से एक वीडियो में चीनी वाहनों के भारतीय क्षेत्र में घुसने का दावा किया गया, जबकि दूसरे वीडियो में सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों पर चीन के कब्जे की बात कही गई. 

अब सेना ने इस वीडियो को लेकर स्पष्टिकरण जारी किया है. इसके बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर निशाना साधा है. रिजिजू ने कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की है. वहीं, कांग्रेस से जुड़े छात्र संगठन NSUI के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने वीडियो के एडिट होने के बावजूद उसमें कही गई बातों को सही बताया है.

जानें क्या था वीडियो में?

बिहार कांग्रेस की प्रवक्ता ऋतु चौधरी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया थि. इस वीडियो में दावा किया गया था कि चीन के वाहन भारतीय क्षेत्र में दाखिल हो गए हैं. भारतीय सेना ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा है कि वीडियो में दिख रहे चीनी कमर्शियल व्हीकल सिक्किम के नाथू ला दर्रे पर थे. यह भारत-चीन सीमा पर ऑथराइज्ड ट्रेड रूट है.

सेना ने कहा है कि नॉर्मल बिजनेस एक्टिविटीज को चीन की सैन्य घुसपैठ के रूप में पेश करना गलत है. इस स्पष्टीकरण के बाद वीडियो में किए गए दावे पर सवाल खड़े हो गए. चलिए जानते हैं दूसरी वीडियो में क्या था.

दूसरे वीडियो को सेना ने बताया डीपफेक:

दूसरे वीडियो में स्पीयर कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया के हवाले से दावा किया गया कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया है. साथ ही यह भी कहा कि भारतीय सेना को जरूरी सामान नहीं मिल रहा है. सेना ने साफ किया कि यह वीडियो डीपफेक यानी तकनीक की मदद से तैयार किया गया भ्रामक वीडियो है. 

सेना के मुताबिक, इसकी ओरिजिनल फुटेज 27 अक्टूबर 2023 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में हुई प्रेस ब्रीफिंग का था. उस दौरान नियंत्रण रेखा (LoC) के पार से घुसपैठ की कोशिशों पर बात हुई थी. अधिकारी ने अरुणाचल प्रदेश पर चीन के कब्जे या सेना को जरूरी सामान नहीं मिलने जैसी कोई बात नहीं कही थी.

किरेन रिजिजू ने कांग्रेस से मांगी माफी:

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस मामले को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. अरुणाचल प्रदेश से सांसद रिजिजू ने कहा कि सेना की छवि खराब करने के लिए फर्जी AI वीडियो फैलाना गंभीर मामला है. उन्होंने कांग्रेस से देश से माफी मांगने की मांग की.

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से रहें सावधान:

इस पूरे विवाद ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की सच्चाई जांचने की जरूरत को सामने रखा है. खासकर सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में बिना पुष्टि किए किसी वीडियो को साझा करने से गलत जानकारी फैल सकती है. भारतीय सेना ने दोनों वीडियो को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है. ऐसे में किसी भी दावे पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से उसकी पुष्टि करना जरूरी है.