Cyclone Arnab Alert: बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान 'अरनब' अब अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान बन चुका है. इसके खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा ने तैयारियां तेज कर दी हैं और निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने का काम शुरू हो गया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का अनुमान है कि तूफान 28 अक्टूबर को बापटला और विशाखापत्तनम के पास, आंध्र प्रदेश और यनम के बीच तट से टकरा सकता है.
आईएमडी के अनुसार, बीते छह घंटों में तूफान करीब 23 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा. 26 अक्टूबर की रात 11.30 बजे यह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में था. उस समय यह ओडिशा के गोपालपुर से लगभग 400 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, विशाखापत्तनम से 350 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और काकीनाडा से 420 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में था.
आंध्र प्रदेश सरकार ने राहत और तैयारियों के लिए 20 जिलों को 27 करोड़ रुपये जारी किए हैं. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक बापटला, कृष्णा, कोनासीमा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, काकीनाडा और अनकापल्ली को दो-दो करोड़ रुपये मिले हैं. करीब 5.7 लाख लोगों को संभावित खतरे वाला माना गया है. एनडीआरएफ की 15 टीमें तैनात हैं. प्रभावित इलाकों में शैक्षणिक संस्थान बंद हैं और समुद्र तटों पर आवाजाही रोक दी गई है. पेयजल संकट से निपटने के लिए 2,613 टैंकर भी तैयार रखे गए हैं.
सरकार ने 4,711 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित चिकित्सा केंद्रों में पहुंचाया है. 11 जिलों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगी हैं. प्रारंभिक आकलन में 16 जिलों के 2,460 राजस्व गांव और 92 शहरी इलाके प्रभावित हो सकते हैं. इनके लिए 1,763 आश्रय स्थल चिह्नित हैं, 2,907 कंट्रोल रूम बने हैं और 3,185 नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं. 2,107 गांवों और वार्डों के लोगों को हटाया जा रहा है. किसी भी परेशानी के लिए 'मन मित्र' व्हाट्सऐप नंबर 9552300009 पर 'Hi' भेजकर 'Arnab Cyclone Issues' चुनें. बिजली की समस्या के लिए 1912 पर कॉल करें.
ओडिशा सरकार ने गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, मलकानगिरी, कोरापुट और नबरंगपुर में शैक्षणिक संस्थान बंद करने का आदेश दिया है. इन जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र 28 और 29 अक्टूबर को बंद रहेंगे. दक्षिण तटीय रेलवे ने 27 और 28 अक्टूबर को शुरू होने वाली 53 लोकल और एक्सप्रेस गाड़ियां रद्द कर दी हैं.