Protest Against CAA: केंद्र सरकार की ओर से देशभर में नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA लागू करने के लिए सोमवार को एक नोटिफिकेशन जारी की गई थी. सीएए को लागू किए जाने के बाद देश के कई हिस्सों से मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही हैं. एक तरफ सरकार और उससे जुड़े संगठन इसे ऐतिहासिक फैसला बता रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इसके खिलाफ बयानबाजी कर रही है.
सीएए लागू करने को लेकर जारी अधिसूचना के बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है. सीएए लागू होने के बाद असम के गुवाहाटी में ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन और 30 जातीय समूहों ने विरोध-प्रदर्शन किया. इस दौरान विशाल मशाल रैली निकाली गई. इस दौरान ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन के मुख्य सलाहकार समुज्जल भट्टाचार्य, अध्यक्ष उत्पल सरमा, महासचिव संकोर ज्योति बरुआ समेत भारी संख्या में छात्र शामिल हुए.
असम स्टूडेंट्स यूनियन और 30 जातीय समूहों की ओर से किए गए इस विरोध प्रदर्शन में केंद्र और असम सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. बते दें, इससे पहले सोमवार को भी गुवाहाटी, बारपेटा, लखीमपुर, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़ समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए गए थे. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने इस दौरान CAA की प्रतियां भी जलाई थी.
गौरतलब है कि साल 2019 में सीएए को जब संसद में पारित किया गया था उस दौरान भी देश के कोने कोने से विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें सामने आई थी. संसद से पारित होने के बाद कई महीनों तक लोगों ने इसके खिलाफ आंदोलन किया था. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सीएए के माध्यम से सरकार मुसलमानों को टारगेट कर रही है. देश के अलग अलग राज्यों में हो रहे भारी विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सरकार ने सीएए को ठंडे बस्ते में डाल दिया था.