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छत्तीसगढ़ के CM की घोषणा आज? विधायक दल की बैठक के लिए पर्यवेक्षक रायपुर में मौजूद

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान आज हो सकता है. भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक मुख्यमंत्री की नियुक्ति को अंतिम रूप देने के लिए छत्तीसगढ़ पहुंच गए हैं, जहां विधायक दल के साथ आज पर्यवेक्षकों की बैठक होनी है.

Om Pratap
Edited By: Om Pratap
छत्तीसगढ़ के CM की घोषणा आज? विधायक दल की बैठक के लिए पर्यवेक्षक रायपुर में मौजूद

हाइलाइट्स

  • आदिवासी या फिर ओबीसी समुदाय का हो सकता है CM
  • मुख्यमंत्री को लेकर एक सप्ताह से जारी है सस्पेंस

Chhattisgarh Next CM Announcement BJP Observers in Raipur: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के चेहरे पर जारी सस्पेंस आज खत्म हो सकता है. भाजपा की ओर से नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक सर्बानंद सोनोवाल और अर्जुन मुंडा सोमवार सुबह नई दिल्ली से रायपुर पहुंचे. राज्य में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर भाजपा पर्यवेक्षकों के साथ होने वाली बैठक में नवनिर्वाचित विधायकों के भी शामिल होने की संभावना है. 

केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ छत्तीसगढ़ भाजपा चीफ अरुण साव और राज्य प्रभारी ओम माथुर भी राजयपुर में मौजूद हैं. बता दें कि भाजपा ने छत्तीसगढ़ के अलावा, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी बंपर जीत हासिल की है. तीनों राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने मुख्यमंत्री के चेहरे का ऐलान नहीं किया था. अब चुनाव जीतने के बाद तीनों राज्यों में भावी मुख्यमंत्री के नामों को लेकर मंथन जारी है.

एक सप्ताह से जारी है सस्पेंस

कहा जा रहा है कि पर्यवेक्षकों की बैठक में भाजपा के नवनिर्वाचित 54 भाजपा के विधायकों के भी शामिल होने की संभावना है, जिसके बाद मुख्यमंत्री के चेहरे पर एक सप्ताह से जारी संस्पेंस आज खत्म हो सकता है. 

एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए छत्तीसगढ़ भाजपा प्रभारी ओम माथुर ने कहा कि हमारी पार्टी के पर्यवेक्षक आ रहे हैं और हम (आज की बैठक में) उनकी ओर से लिए जाने वाले फैसले का इंतजार कर रहे हैं. ओम माथुर ने कहा कि मुख्यमंत्री नियुक्त करने का कोई फॉर्मूला नहीं है. भाजपा के संसदीय बोर्ड की ओर से एक प्रणाली निर्धारित है, जिसका पालन किया जाएगा और मुख्यमंत्री चुना जाएगा.

आदिवासी या फिर ओबीसी समुदाय का हो सकता है CM

अटकलें तेज हैं कि अगर भाजपा 2003 से 2018 तक तीन बार मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह को नहीं चुनती है, तो फिर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) या आदिवासी नेता को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है. आदिवासी समुदाय से विष्णुदेव साय, रेणुका सिंह, रामविचार नेताम, लता उसेंडी और गोमती साय को दावेदार के रूप में देखा जा रहा है.

बता दें कि विधानसभा चुनाव जीतने के बाद सांसद पद से इस्तीफा देने वाले छत्तीसगढ़ भाजपा चीफ अरुण साव और ओपी चौधरी, दोनों ओबीसी समुदाय से हैं. ये दोनों नेता भी मुख्यमंत्री के संभावित उम्मीदवारों में से हैं. कहा जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में जो भी मुख्यमंत्री चुना जाएगा, उसकी अगले साल होने वाले आम चुनाव में बड़ी भूमिका होगी. कहा जा रहा है कि भाजपा का लक्ष्य लोकसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ की सभी सीटों को जीतना है.

2019 में 11 में से जीती थीं 9 सीटें

2019 के चुनाव में भाजपा ने राज्य की कुल 11 सीटों में से नौ सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को केवल दो सीटें मिलीं थीं. बता दें कि नवंबर में राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में भाजपा ने 90 में से 54 सीटें और कांग्रेस ने 35 सीटें जीतीं हैं. गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (जीजीपी) एक सीट जीतने में कामयाब रही है.