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'संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा को तैयार', सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू का बयान

केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि वह संसद के मानसून सत्र के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’, पहलगाम आतंकी हमला और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सीज़फायर को लेकर की गई टिप्पणी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा से पीछे नहीं हटेगी. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार संसद में हर सवाल का जवाब देने को तैयार है और चर्चा से भागने वाली नहीं है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा को तैयार', सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू का बयान
Courtesy: web

संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हो रहा है और इससे पहले रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार सभी अहम मुद्दों पर खुले दिल से चर्चा को तैयार है. उन्होंने यह भी कहा कि संसद को सुचारु रूप से चलाने के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को साथ मिलकर काम करना चाहिए.

किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ‘ऑपरेशन सिंदूर’, पहलगाम आतंकी हमला और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सीज़फायर बयान जैसे मुद्दों पर संसद के भीतर उचित जवाब देगी. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में हर महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान उपस्थित रहते हैं और सरकार संसदीय मर्यादाओं का सम्मान करते हुए कार्य करती है. रिजिजू ने विपक्ष की उस योजना पर प्रतिक्रिया दी जिसमें कहा गया है कि वे इन मुद्दों को जोरशोर से उठाएंगे. उन्होंने साफ कहा, “हम सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन बहस संसद के भीतर होनी चाहिए, न कि बाहर.”

मानसून सत्र में 17 बिल पेश करने की तैयारी

रिजिजू ने जानकारी दी कि इस मानसून सत्र में सरकार कुल 17 विधेयक पेश करने की योजना बना रही है. उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश होगी कि सभी प्रश्नों का जवाब पूरी गंभीरता से दिया जाए. रिजिजू ने कहा, “हम खुली सोच के साथ चर्चा को तैयार हैं और हम संसदीय परंपराओं और नियमों का सम्मान करते हैं.” सर्वदलीय बैठक में कुल 51 राजनीतिक दलों के 54 सदस्य शामिल हुए. रिजिजू ने इस बैठक को रचनात्मक करार दिया और कहा कि सभी दलों ने अपनी बात खुलकर रखी और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग की.

जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव की योजना

केंद्रीय मंत्री ने इस बात की भी पुष्टि की कि जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ 100 से अधिक सांसदों ने महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे इसी सत्र में लाने की योजना है. हालांकि, उन्होंने कहा कि इसकी टाइमलाइन अभी तय नहीं हुई है और जल्द साझा की जाएगी. रिजिजू ने यह भी कहा कि जिन दलों के संसद में कम सदस्य हैं, उन्हें बोलने के लिए कम समय मिलता है, इसलिए यह मामला लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति के समक्ष उठाया जाएगा ताकि सभी दलों को समान अवसर मिले. यह विषय बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में भी उठाया जाएगा.