मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने भारत के तेल और गैस आयात को बुरी तरह प्रभावित किया है. होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति ठप हो गई है. घरेलू उपभोग के साथ-साथ लाखों होटल और रेस्तरां भी संकट में फंस गए हैं.
कई शहरों में व्यावसायिक रसोईघर अब लकड़ी और कोयले का सहारा ले रहे हैं. कुछ जगह तो पुराने जमाने की तरह चूल्हे जलाकर खाना बनाया जा रहा है. होटल एसोसिएशन ने केंद्र और राज्य सरकारों से तुरंत आपूर्ति बहाल करने की मांग की है.
चेन्नई, बेंगलुरु और कोलकाता के कई व्यावसायिक रसोईघर अब स्क्रैप लकड़ी से चूल्हा जलाकर खाना बना रहे हैं. बेंगलुरु के प्रसिद्ध 'बैंगलोर थिंडीज' ने अब सिर्फ चाय-कॉफी पर ही सीमित कर दिया है. पहले यहां 11 तरह के नाश्ते मिलते थे. मालिक ने बताया कि काला बाजार में सिलेंडर मिल तो रहे हैं, लेकिन कीमत बहुत ज्यादा है. मुंबई में करीब 20 फीसदी रेस्तरां बंद हो चुके हैं.
In light of current geopolitical disruptions to fuel supply and constraints on supply of LPG, Ministry has issued orders to oil refineries for higher LPG production and using such extra production for domestic LPG use.
— Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) March 9, 2026
The ministry has prioritised domestic LPG supply to…
कोलकाता के प्रसिद्ध मुगलई रेस्तरां 'अमीनिया' के मालिक ने कहा कि उनके पास सिर्फ तीन दिन का स्टॉक बचा है. वे अब कोयले का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं और पूरी तरह स्विच करने की सोच रहे हैं. सूरत में व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत 2,200 रुपये तक पहुंच गई है. होटल मालिक मजबूरी में महंगे दाम चुकाने को तैयार हैं, लेकिन आपूर्ति नहीं हो रही.
Respected Sir,@CMOTamilnadu @mkstalin @Udhaystalin
— Chennai Hotel Association (@ChennaiHotelAs1) March 9, 2026
The situation has now become even more critical. Commercial LPG distributors have completely stopped supplying cylinders, stating that they have no stock available. As a result, many restaurants are forced to shut down 👇 📣 pic.twitter.com/cY6bYROmKY
केंद्र सरकार ने घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. तेल रिफाइनरियों को घरेलू सिलेंडर प्राथमिकता देने को कहा गया है. इम्पोर्टेड सिलेंडर अस्पतालों जैसी जरूरी जगहों के लिए आरक्षित हैं. चेन्नई और बेंगलुरु के होटल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से अपील की है कि एलपीजी को 'आवश्यक सेवा' मानकर आपूर्ति बहाल की जाए.
भारत अपनी 62 फीसदी एलपीजी जरूरत मध्य पूर्व से आयात करता है. पिछले दशक में खपत 21.61 मिलियन टन से बढ़कर 30.86 मिलियन टन हो गई है. होर्मुज बंद होने से सप्लाई चेन टूट गई है. घरेलू सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जबकि व्यावसायिक सिलेंडर 1,835 से 2,043 रुपये तक पहुंच गए हैं. संकट लंबा चला तो खाद्य उद्योग बुरी तरह प्रभावित होगा.