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India Daily

केंद्र ने वापस लिए 3 नए आपराधिक कानून बिल, नए सिरे से पेश करने की योजना

भारतीय न्याय संहिता विधेयक 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक 2023 और भारतीय साक्ष्य विधेयक 2023 को (ब्रिटिश काल के कानून) बदलने के लिए 11 अगस्त को मानसून सत्र के दौरान संसद में पेश किया गया था. 

Naresh Chaudhary
केंद्र ने वापस लिए 3 नए आपराधिक कानून बिल, नए सिरे से पेश करने की योजना

हाइलाइट्स

  • संसद की चयन समिति के पास भेजे गए थे तीनों बिल
  • बिल पेश करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कही थी ये बात

Center Government Withdraws Three New Criminal Law Bills: देश में आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधार के लिए केंद्र सरकार की ओर से लोकसभा में पेश किए गए तीन नए आपराधिक कानून (Indian Penal Code) विधेयकों को संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशों के बाद वापस ले लिया गया है. अब समिति की सिफारिशों के आधार पर विधेयकों के नए संस्करण तैयार किए जाएंगे.

ये हैं तीनों कानून

जानकारी के मुताबिक, भारतीय न्याय संहिता विधेयक 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक 2023 और भारतीय साक्ष्य विधेयक 2023 को (ब्रिटिश काल के कानून) बदलने के लिए 11 अगस्त को मानसून सत्र के दौरान संसद में पेश किया गया था. 

संसद की चयन समिति के पास भेजे गए थे तीनों बिल

इसके बाद तीनों विधेयकों को विस्तृत मूल्यांकन के लिए संसद की चयन समिति के पास भेजा गया था. साथ ही समिति को तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया. लोकसभा में बिल पेश करने के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इन बिलों का फोकस सजा नहीं, बल्कि न्याय दिलाना है.

बिल पेश करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कही थी ये बात 

अमित शाह ने कहा कि मौजूदा कानूनों का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश प्रशासन की रक्षा और उसे मजबूत करने पर था. उस वक्त इन कानूनों का विचार दंड देने पर था न कि न्याय देने पर. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिल पेश करते समय कहा था कि इन कानूनों को प्रतिस्थापित करके तीन नए कानून भारतीय नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने की भावना लाएंगे.