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महिलाकर्मियों के माहवारी अवकाश पर सरकार ने दिया बड़ा अपडेट, पढ़ें डिटेल

कार्मिक मंत्रालय ने कहा है कि महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष मासिक धर्म अवकाश (Menstrual Leave) स्वास्थ्य संबंधी मुद्दा है और स्वास्थ्य मंत्रालय इस पर सबसे अच्छी तरीके से विचार कर सकता है.

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Sagar Bhardwaj

Menstrual Leave: कार्मिक मंत्रालय ने कहा है कि महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष मासिक धर्म अवकाश (Menstrual Leave) स्वास्थ्य संबंधी मुद्दा है और स्वास्थ्य मंत्रालय इस पर सबसे अच्छी तरीके से विचार कर सकता है. संसद की एक समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह बात कही है.

'बनाई जाए मासिक धर्म अवकाश नीति'

कार्मिक, लोक शिकायत, विधि एवं न्याय विभाग से संबंधित संसद की स्थाई समिति ने अपनी पिछली रिपोर्ट में सिफारिश की थी कि कार्मिक मंत्रालय को हितधारकों से बात करके एक 'मासिक धर्म अवकाश नीति' बनानी चाहिए, जिसमें पीरियड्स के दौरान परेशानी से गुजरने वाली महिलाओं को छुट्टी की अनुमति हो.

'मासिक धर्म से प्रभावित होती है महिलाओं की कार्यक्षमता'

समिति ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का संज्ञान लिया है कि मासिक धर्म से अधिकतर महिलाओं को कमजोरी का एहसास होता है और कार्यस्थल पर उनकी कार्य क्षमता प्रभावित होती है. समिति ने सिफारिश की थी कि महिलाओं के लिए प्रतिमाह या प्रतिवर्ष मासिक धर्म अवकाश या अस्वस्थता अवकाश (Sick Leave)/आधे वेतन पर अवकाश का प्रावधआन हो और बदले में उनसे कोई मेडिकल सर्टिफइकेट या छुट्टी लेने का कारण न पूछा जाए.

समिति ने सोमवार को पेश अपनी नई रिपोर्ट में कहा कि केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972 में केंद्र सरकार की महिला कर्मियों के कल्याण के लिए विभिन्न प्रकार के सवैतनिक अवकाश के रूप में विविध प्रावधान हैं, जिसमें मैटरनिटी लीव और बाल देखभाल अवकाश भी शामिल है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी को अपनी पर्सनल जरूरतों को पूरा करने के लिए साल में 30 दिन की ईएल (Earned Leave) और 8 दिन का आकस्मिक अवकाश (CL) मिलता है.

महावारी अवकाश एक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दा

कार्मिक मंत्रालय ने समिति से कहा कि किसी महिला सरकारी कर्मचारी को पीरियड्स के दौरान पीड़ा की वजह से विशेष महावारी अवकाश देने की जरूरत से जुड़ा विषय स्वास्थ्य संबंधी मुद्दा है और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय इस पर सबसे अच्छी तरीके से विचार कर सकता है.

इससे पहले 8 दिसंबर को कांग्रेस सांसद शशि थरूर के एक प्रश्न का लिखित जवाब देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने लोकसभा में बताया था कि सभी कार्यस्थलों पर वैतनिक मासिक धर्म अवकाश (Paid Menstrual Leave) के प्रावधान को अनिवार्य बनाने जैसे कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है.
 

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