कोलकाता रेप-मर्डर के विरोध में राज्य सचिवालय तक मार्च करने वाले लोगों पर पुलिस की कार्रवाई का विरोध जताने के लिए बीजेपी ने 12 घंटे के बंगाल बंद की घोषणा की है. बंगाल बीजेपी के प्रमुख सुकांता मजूमदार ने लोगों से कल यानी बुधवार को सुबह 6 बजेसे शाम 6 बजे के बीच होने वाले इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया है.
सुकांता मजूमदार ने इस घटना की निंदा करते हुए और इसे राज्य सुरक्षा के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बताते हुए राज्य के अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की.
बता दें कि राजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना के खिलाफ 'नबन्ना अभियान' नाम से एक प्रोटेस्ट मार्च निकाला गया था लेकिन प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और उन्होंने हावड़ा में संतरागाछी पर पुलिस के बैरिकेड्स तोड़ दिए और पुलिस से उनकी झड़प भी हुई जिसके बाद कोलकाता पुलिस को उनके खिलाफ कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ा.
यह विरोध प्रदर्शन कोलकाता के स्क्वायर कॉलेज से शुरू हुआ था और राज्य सचिवालय नबन्ना की ओर बढ़ रहा था जो मुख्यमंत्री का कार्यलाय है. प्रदर्शनकारियों को हावड़ा ब्रिज पर रोक लिया गया, इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज किया. उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन और आंसू गैस के गोले भी छोड़े.
मार्च से पहले कोलकाता पुलिस ने इस हाई सिक्योरिटी जोन को एक किले में बदल दिया था और नबन्ना की ओर जाने वाले सभी रोडों को ब्लॉक कर दिया था.
ईदी अमीन की तरह पेश आ रही हैं ममता
पुलिस की कार्रवाई को लेकर बीजेपी ने ममता बनर्जी पर जोरदार निशाना साधा है. बीजेपी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि सीएमम ममता बनर्जी दीदी की तरह पेश नहीं आ रही थीं बल्कि ईदी अमीन की तरह पेश आ रही थीं.
रेपिस्टों को बचा रही ममता सरकार
उन्होंने कहा, 'ममता सरकार रेपिस्टों को बचा रही है, सबूत नष्ट कर दिए गए हैं, जनता की आवाज दबाई जा रही है जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने फटकार लगाई है. एक बार फिर से जब बेटी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर छात्रों, डॉक्टरों और आम नागरिकों ने नबन्ना चलो अभियान में भाग लिया तो ममता सरकार ने सड़कें जाम कर दीं.'
छात्रों के प्रदर्शन से डरी हुई हैं ममता बनर्जी
वहीं बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि ममता बनर्जी छात्रों के विरोध प्रदर्शन से काफी डरी हुई हैं, इसलिए उन्होंने प्रदर्शनकारियों को नबन्ना से दूर रखने के लिए पुलिस को सड़कों पर बड़े-बड़े कंटेनर लगाने का आदेश दिया है. क्या वे ऐसा सोच रही हैं कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए छात्र टैंकों में आगे बढ़ रहे हैं.