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जीतन के बाद ज्योति नाराज, क्या असंतुष्ट की फौज से बिहार NDA में पड़ेगी फूट?

28 जनवरी को नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में एनडीए सरकार बनी थी. नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी सरकार में सीएम के अतिरिक्त 8 मंत्रियों ने शपथ ली थी.

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Om Pratap
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Bihar Nitish government floor test: बिहार में 12 फरवरी को फ्लोर टेस्ट से पहले खेला होने के आसार दिख रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि बिहार में NDA के साथी जीतन राम मांझी नीतीश कैबिनेट में एक और मंत्री पद की मांग को लेकर नाराज हैं. वहीं, उनकी समधन यानी विधायक ज्योति देवी ने मंत्री पद की इच्छा जताई है. उन्होंने नीतीश सरकार से मांग की है कि मुझे भी राज्य सरकार में मंत्री बनाया जाए. बिहार में असंतुष्टों की बढ़ती फौज को देखते हुए खेला के आसार दिख रहे हैं.

हम पार्टी के टिकट पर बिहार के बाराचट्टी विधानसभा सीट की विधायक ज्योति देवी ने सवाल पूछा कि आखिर कुछ खास लोग ही क्यों मंत्री बनाए जाते हैं. उन्होंने नीतीश कुमार से सवाल पूछा कि आखिर कब तक नए लोगों को मंत्रिमंडल में मौका नहीं मिलेगा? ज्योति देवी ने कहा कि हर बार बिजेंद्र यादव, विजय चौधरी और श्रवण कुमार को मंत्री बना दिया जाता है, ऐसा क्यों होता है? 

नीतीश मंत्रिमंडल में एक भी महिला नहीं है शामिल

ज्योति देवी ने कहा कि वर्तमान नीतीश सरकार में एक भी महिला विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया है. उन्होंने महिला के तौर पर मंत्रिमंडल में मंत्री पद की मांग करते हुए कहा कि हमें भी मौका दिया जाना चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि जो नेता हर बार सरकार बनने पर कुर्सी से चुंबक की तरह चिपक जाते हैं, उनकी जगह नए चेहरों को मौका दिया जाना चाहिए.

जीतन राम मांझी को लेकर भी दिया बड़ा बयान

हिंदुस्तान आवाम मोर्चा यानी हम की विधायक ज्योति देवी ने जीतन राम मांझी को लेकर पूछे गए सवाल का भी जवाब दिया. जब उनसे पूछा गया कि क्या फ्लोर टेस्ट से पहले जीतन राम मांझी बिहार में कोई खेला करेंगे, तो उन्होंने दावा किया कि गठबंधन की ओर से जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाने का ऑफर था, लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री पद को ठुकरा दिया और कहा कि वे NDA के साथ ही बने रहेंगे. 

आखिर मांझी की नाराजगी की क्या है वजह?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जीतन राम मांझी अपने बेटे संतोष मांझी के लिए बेहतर मंत्रालय की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि उनके बेटे को अच्छा मंत्रालय नहीं दिया गया है. हाल ही में नीतीश सरकार के मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा किया गया है, जिसमें संतोष सुमन मांझी को अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति कल्याण, सूचना प्रावैधिकी विभाग दिया गया है.

NDA सरकार में सीटों का गणित

243 विधायकों वाली बिहार विधानसभा में सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 122 है. नीतीश सरकार में इस समय बीजेपी के 75, जदयू के 15, हम के 4 और 1 निर्दलीय सदस्य शामिल हैं. यानी NDA कुनबा में इस समय 128 सदस्य हैं. अगर जीतन राम मांझी फ्लोर टेस्ट से पहले कोई खेला कर देते हैं तो भी NDA के पास 124 सदस्यों का समर्थन रहेगा, जो बहुमत के आंकड़े से दो अधिक है. 

नीतीश कुमार ने 9वीं बार ली है मुख्यमंत्री पद की शपथ

पिछले महीने NDA का हिस्सा बनने वाले नीतीश कुमार ने 9वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. उनके साथ आठ अन्य विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. इनमें बीजेपी और जदयू को कोटे से तीन-तीन जबकि जीतन राम मांझी की पार्टी HAM से एक और एक अन्य निर्दलीय विधायक को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई. 

बिहार के किस मंत्री के पास कौन सा विभाग?

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार: सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी और निर्वाचन विभाग के साथ बाकी वो  सभी विभागों को अपने पास रखा है, जिन्हें किसी मंत्री को आवंटित नहीं किए गया है. 
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी: वित्त विभाग के साथ 9 अन्य विभाग
डिप्टी CM विजय सिन्हा: कृषि, पथ, राजस्व और भूमि सुधार समेत 9 विभाग
प्रेम कुमार: पिछड़ा अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, सहकारिता विभाग, पर्यावरण जलवायु परिवर्तन, पर्यटन समेत कुल 5 विभाग
श्रवण कुमार: ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, खाद्य विभाग
संतोष सुमन मांझी: अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति कल्याण, सूचना प्रावैधिकी विभाग
विजय कुमार चौधरी: जल संसाधन संसाधन, संसदीय कार्य, भवन निर्माण, परिवहन, शिक्षा और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग
विजेंद्र प्रसाद यादव: ऊर्जा, योजना एवं विकास, मद्य निषेध, उत्पाद एवं प्रबंधन, निबंधन, ग्रामीण कार्य, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग
निर्दलीय सुमित कुमार सिंह: विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा

 

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First Published : 06 February 2024, 12:14 PM IST