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ये फूल कुछ कहते हैं! क्यों खास है मोदी-नीतीश की मुलाकात का गुलदस्ता

Nitish Kumar Meets PM Modi: एनडीए में वापसी के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज दिल्ली में  पीएम मोदी से मुलाकात की. इस दौरान नीतीश कुमार ने पीएम मोदी को ब्लू आर्किड फूल का गुलदस्ता भेंट किया. आइए जानते हैं इस ब्लू आर्किड फूल के क्या मायने हैं. 

Purushottam Kumar
ये फूल कुछ कहते हैं! क्यों खास है मोदी-नीतीश की मुलाकात का गुलदस्ता

Nitish Kumar Meets PM Modi: हाल ही में बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव देखे गए जिसमें जेडीयू ने इंडिया गठबंधन को छोड़कर घर वापसी की और बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हो गई. इसके साथ ही बिहार में भी कमल खिल गया. बिहार में 12 फरवरी को फ्लोर टेस्ट है और मंत्रिमंडल के विस्तार का काम अभी बाकी है जिससे पहले बिहार के सीएम नीतीश कुमार दिल्ली पहुंचे हैं.  बिहार में सियासी उठापटक के बाद यह नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली मुलाकात है जिसके कई मायने निकाले जा रहे हैं.

मुलाकात की कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं जिसमें सीएम नीतीश कुमार हंसते हुए पीएम मोदी से मिलते नजर आ रहे हैं और इस दौरान उन्होंने ब्लू ऑर्किड फूलों का गुलदस्ता भी भेंट किया. दोनों नेताओं के बीच पीएम आवास में करीब 30 मिनट तक बातचीत हुई. कहा जाता है कि एक तस्वीर कई सारी कहानियां कहती है और जब दो बड़े नेता मिलें तो उनका हर एक एक्शन अपने आप में एक संदेश देता है.

जानें किसका प्रतीक हैं ब्लू ऑर्किड फूल

यहां पर सवाल है कि नीतीश कुमार ने पीएम मोदी से हुई इस मुलाकात के लिए ब्लू ऑर्किड फूलों के गुलदस्ते को ही क्यों चुना, आखिर इन फूलों से वो क्या संदेश देना चाहते हैं. चलिए हम आपको इन फूलों और इससे जुड़े सियासी मायनों के बारे में बताते हैं.

ब्लू ऑर्किड फूलों की बात करें तो युद्ध के समय में जब कोई विजय हासिल करता था तो इन फूलों को शोहरत और भाग्य का प्रतीक माना जाता था. वहीं दूसरी ओर इन फूलों का मतलब खूबसूरती, आध्यात्मिकता, पावर, शांति और यूनिकनेस से होता है. अब बात यह है कि नीतीश कुमार ने पीएम मोदी के लिए इन्हीं फूलों को क्यों चुना.

मुलाकात के लिए क्यों चुने ब्लू ऑर्किड

उल्लेखनीय है कि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए विपक्ष ने एकजुट होकर इंडिया गठबंधन बनाया और नीतीश कुमार इसकी अगुवाई करते नजर आए. नीतीश कुमार को उम्मीद थी कि आगामी चुनावों में उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार बनाया जाएगा लेकिन गठबंधन में न तो उन्हें संयोजक का पद मिला और जब पीएम पद की उम्मीदवारी की बात आई तो मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम आगे कर दिया गया.

इतना ही नहीं गठबंधन की सियासत में उन्हें बिहार में भी मनचाही सीटों पर लड़ने की आजादी नहीं मिल रही थी. ऐसे में सीएम नीतीश कुमार के लिए इंडिया के बजाय NDA से जुड़ना ज्यादा फायदेमंद नजर आया और यही वजह है कि जब वो पीएम मोदी से मिले तो उन्होंने शांति और ताकत के प्रतीक ब्लू ऑर्किड फूलों के गुलदस्ते को भेंट किया.

क्यों है ये नीतीश की घर वापसी 

गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने 28 जनवरी को बीजेपी के साथ मिलकर बिहार में नई सरकार बनाई. बिहार में एनडीए सरकार बनने और सीएम पद संभालने के बाद पीएम मोदी ने नीतीश कुमार की यह पहली औपचारिक मुलाकात है. आपको बता दें, इससे पहले 2020 में भी नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी.