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India Daily

बाढ़ प्रभावित राज्यों के लिए 1066 करोड़ जारी, अमित शाह ने कहा, 'मोदी सरकार राज्यों के साथ मजबूती से खड़ी'

केंद्र सरकार ने इस साल बाढ़ और भूस्खलन से जूझ रहे छह राज्यों- असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, केरल और उत्तराखंड के लिए 1,066.80 करोड़ रुपये की राहत राशि मंजूर की है. यह फंड राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के अंतर्गत जारी किया जाएगा. गृह मंत्री अमित शाह ने जानकारी दी कि अब तक देशभर के 19 राज्यों को SDRF और NDRF से 8,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है. साथ ही एनडीआरएफ, सेना और वायुसेना को राहत कार्यों में सक्रिय किया गया है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
बाढ़ प्रभावित राज्यों के लिए 1066 करोड़ जारी, अमित शाह ने कहा, 'मोदी सरकार राज्यों के साथ मजबूती से खड़ी'
Courtesy: WEB

इस साल मानसून के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी तबाही देखने को मिली है. उत्तरपूर्वी राज्यों से लेकर दक्षिण और उत्तर भारत तक बारिश के चलते बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. इस आपदा की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छह राज्यों को आर्थिक राहत देने की घोषणा की है. इस कदम से राहत और पुनर्वास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है.

गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को बताया कि केंद्र सरकार ने SDRF के तहत छह राज्यों को 1,066.80 करोड़ रुपये की राशि देने की मंजूरी दी है. इसमें असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, केरल और उत्तराखंड शामिल हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "मोदी सरकार हर परिस्थिति में राज्यों के साथ मजबूती से खड़ी है." शाह ने बताया कि अब तक SDRF और NDRF से कुल 8,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि 19 राज्यों को दी जा चुकी है. यह आर्थिक सहायता केंद्र के हिस्से से दी गई है, ताकि राज्य अपने स्तर पर राहत और पुनर्वास का कार्य शीघ्रता से कर सकें.

सेना और एनडीआरएफ की सक्रिय भूमिका

बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने सेना, वायुसेना और NDRF की तैनाती को प्राथमिकता दी है. विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत में ‘ऑपरेशन जल राहत-2’ के तहत अब तक 40 राहत कॉलम भेजे जा चुके हैं. इन राहत टीमों ने 3,820 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है, 15,000 से अधिक पानी की बोतलें और 1,361 खाद्य पैकेट वितरित किए हैं. इसके साथ ही 2,000 से ज्यादा लोगों को चिकित्सा सेवा दी गई है. यह राहत अभियान लगातार जारी है और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से हर प्रभावित क्षेत्र तक मदद पहुंचाई जा रही है.

हिमाचल प्रदेश में हालात गंभीर

हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है. राज्य सरकार के अनुसार, 20 जून से अब तक लगभग 740 करोड़ रुपये से ज्यादा की क्षति हो चुकी है. खासतौर पर मंडी जिले में हालात गंभीर हैं, जहां सेना के जवान राहत कार्य में जुटे हैं. एक ब्रिगेड कमांडर खुद मौके पर मौजूद हैं और संचालन का जिम्मा संभाले हुए हैं. प्रभावित इलाकों जैसे डेगी, रुशद और चापड़ जैसे गांवों में सेना की मदद से राहत सामग्री पहुंचाई जा चुकी है. वहीं, असम, नागालैंड और मणिपुर में भी जलस्तर कम होने के बावजूद अलर्ट जारी है, क्योंकि नदियां अभी भी खतरे के निशान पर बह रही हैं.