कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर धरना देते हुए एक बोतल में रखे धातु के छर्रे दिखाए. उनका दावा था कि ये छर्रे 19 वर्षीय प्रदर्शनकारी साहिल लोछब के शरीर से ऑपरेशन के दौरान निकाले गए हैं. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था.
साहिल लोछब कथित तौर पर प्रदर्शन के दौरान पैलेट से घायल हुए थे. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां सर्जरी के दौरान शरीर से कई धातु के छर्रे निकाले गए. उनकी एक आंख में भी चोट लगी और इसके कारण आंशिक रूप से दृष्टि प्रभावित होने की बात सामने आई. राहुल गांधी इससे पहले भी मीडिया के सामने उनकी चोटों का मुद्दा उठा चुके हैं.
पुलिस स्टेशन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी ने दावा किया कि मेडिकल रिपोर्ट में शरीर के भीतर 200 से अधिक छर्रे होने की बात कही गई है. उन्होंने कहा कि तीन छर्रे आंख में भी मौजूद थे और आंख की रोशनी प्रभावित हुई है. राहुल के मुताबिक, कुछ छर्रे दिल के नजदीक भी हैं, जिन्हें निकालना संभव नहीं है.
राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली पुलिस पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार कर रही है, लेकिन घायल प्रदर्शनकारी के शरीर से मिले छर्रे अलग कहानी बताते हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पुलिस ने फायरिंग नहीं की तो फिर ये छर्रे प्रदर्शनकारी को किसने मारे. कांग्रेस सांसद ने मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की.
#WATCH | Delhi: At Parliament Street Police Station, Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "Pellet gun was used at Connaught Place on 20th July. AIIMS report clearly says that there are more than 200 shells inside his body and 3 in his eye. He has lost vision in that eye. There are… pic.twitter.com/kH0WGVMuBa
— ANI (@ANI) August 21, 2026
राहुल गांधी और साहिल लोछब एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे. पुलिस द्वारा कथित तौर पर मामला दर्ज नहीं किए जाने के बाद राहुल वहीं धरने पर बैठ गए. बाद में प्रियंका गांधी वाड्रा और जयराम रमेश समेत कांग्रेस के अन्य नेता भी प्रदर्शन में शामिल हुए. विपक्ष पहले से ही पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है.
20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों को दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार ने खारिज किया है. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भी प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों से इनकार कर चुके हैं. संसद के मानसून सत्र में विपक्ष ने इसी मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग की थी. अब राहुल गांधी के ताजा प्रदर्शन से यह मुद्दा फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है.