Arvind Kejriwal birthday wishes to Manish Sisodia: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने AAP नेता मनीष सिसोदिया के जन्मदिन पर उन्हें बधाई दी है. सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में केजरीवाल ने सिसोदिया और अपनी दोस्ती का जिक्र किया. उन्होंने लिखा कि हम दोनों के बीच का स्नेह और विश्वास बहुत मजबूत है. भाजपा का बिना नाम लिए केजरीवाल ने ये भी कहा कि साजिशकर्ता चाहे कितनी भी कोशिश कर लें, मेरी और सिसोदिया की दोस्ती कभी नहीं टूटेगी. केजरीवाल ने अपनी और सिसोदिया की एक पुरानी फोटो शेयर की, जिसमें दोनों को एक साथ देखा जा सकता है.
केजरीवाल ने एक्स पोस्ट में लिखा- ये दोस्ती बहुत पुरानी है. हमारा स्नेह और भरोसा बहुत मजबूत है. जनता के लिए काम करने का ये जुनून भी बहुत पुराना है. साजिश रचने वाले लाख कोशिश कर लें.. ये भरोसा, ये स्नेह और ये दोस्ती कभी नहीं टूटेगी. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने झूठे केस लगाकर मनीष को पिछले 11 महीने से जेल में रखा हुआ है. लेकिन मनीष इनके ज़ुल्म के आगे डटकर खड़े हैं, इनकी तानाशाही के सामने ना अब तक झुके हैं और ना भविष्य में कभी झुकेंगे. तानाशाही के इस दौर में मनीष का साहस हम सबको प्रेरणा देता है. जन्मदिन मुबारक हो मनीष.
ये दोस्ती बहुत पुरानी है। हमारा स्नेह और भरोसा बहुत मज़बूत है। जनता के लिए काम करने का ये जुनून भी बहुत पुराना है। साज़िश रचने वाले लाख कोशिश कर लें.. ये भरोसा, ये स्नेह और ये दोस्ती कभी नहीं टूटेगी।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) January 5, 2024
बीजेपी ने झूठे केस लगाकर मनीष को पिछले 11 महीने से जेल में रखा हुआ है। लेकिन… pic.twitter.com/4ICoifHQ4v
दिल्ली एक्साइज पॉलिसी 2020-21 के निर्माण और कार्यान्वयन में भ्रष्टाचार में उनकी कथित भूमिका के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पिछले साल 26 फरवरी को सिसोदिया को गिरफ्तार किया था. करीब 10 महीने से अधिक समय से सिसोदिया जेल में बंद हैं.
CBI की ओर से गिरफ्तार किए जाने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तिहाड़ जेल में सिसोदिया से पूछताछ की थी. इसके बाद 9 मार्च को सीबीआई की एफआईआर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सिसोदिया को ED ने गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद सिसोदिया ने 28 फरवरी को दिल्ली कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था. बता दें कि मनीष सिसोदिया दिल्ली सरकार में डिप्टी सीएम थे. उनके पास एक्साइज डिपार्टमेंट भी था. वे दिल्ली के शिक्षा मंत्री भी थे.
दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर, 2021 को नई एक्साइज पॉलिसी लागू की थी, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद सितंबर 2022 के अंत में इसे रद्द कर दिया था. जांच एजेंसियों के मुताबिक, नई पॉलिसी के तहत थोक विक्रेताओं का मुनाफा मनमाने ढंग से 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी कर दिया गया था.
एजेंसियों ने आरोप लगाया है कि नई नीति के बाद गुटबंदी हुई और शराब लाइसेंस के लिए अयोग्य लोगों को लाभ दिया गया. हालांकि, दिल्ली सरकार और सिसोदिया ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है और कहा है कि नई नीति से राजस्व में बढ़ोतरी होगी.