menu-icon
India Daily

इतिहास बनना है या भूगोल का हिस्सा, पाकिस्तान करे तय..., आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी की पाक को दो टूक

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को आतंकवाद पर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि उसे तय करना होगा कि इतिहास बदलना है या भूगोल. ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर दिए गए बयान को बेहद अहम माना जा रहा है.

Dhiraj Kumar Dhillon
इतिहास बनना है या भूगोल का हिस्सा, पाकिस्तान करे तय..., आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी की पाक को दो टूक
Courtesy: Social Media

आतंकियों का पनाह देने वाले पाकिस्तान को सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने दो टूक चेतावनी दी है. सेना प्रमुख ने कहा ‌है अब पाकिस्तान खुद तय कर ले कि वह अपना इतिहास बदलना चाहता है या भूगोल. सेना प्रमुख ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पाकिस्तान ने यदि आतंकियों की सरपरस्ती और भरत क‌े खिलाफ साजिश करना जारी रखेगा तो निश्वित तौर पर उसका भूगोल बदल देंगे. बता दें कि भारत ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ मना रहा है, इस मौके पर सेना प्रमुख के इस बयान को अहम माना जा रहा है.

सेना प्रमुख ने पाकिस्तान को दिया कड़ा संदेश

शनिवार को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सेना प्रमुख ने फिर से ऑपरेशन सिंदूर जैसी परिस्थितियां बनने पर भारतीय सेना की प्रतिक्रिया को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में ये बातें कहीं. सेना प्रमुख ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि पाकिस्तान फिर से ऐसी परिस्थितियां पैदा करने से पहले यह खुद तय कर ले कि वह दुनिया के नक्शे पर बना रहना चाहता है या फिर इतिहास बन जाना चाहता है. मतलब साफ है कि पाकिस्तान आंतकियों को पनाह देकर भारत के खिलाफ साजिश करेगा तो ऑपरेशन सिंदूर से भी कड़ा जवाब भारतीय सेना की ओर से दिया जाएगा.

7 मई 2026 को भारत ने शुरू किया था ऑपरेशन सिंदूर

बता दें कि पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पीओके के आतंकी ठिकानों पर सटीक और प्रभावी कार्यवाही करते हुए उन्हें नेस्तनाबूत कर दिया था. जवाब में पाकिस्तान की ओर से कार्रवाई की गई और भारत की ओर से इसका मुंहतोड़ जवाब दिया गया. 88 घंटों तक भारत- पाकिस्तान के बीच संघर्ष चला और फिर 10 मई को दोनों देशों के बीच एक आपसी समझौते के बाद सीजफायर का ऐलान किया गया था. सीजफायर को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार मध्यस्थता करने का दावा जरूर किया लेकिन भारत की ओर से इसका खंडन किया गया.