नई दिल्ली: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात में बारिश के दौरान होने वाले जलभराव को लेकर बड़ा भरोसा दिया है. उन्होंने कहा कि अगले मानसून तक ऐसी व्यवस्था कर दी जाएगी कि भारी बारिश के बावजूद लोगों को जलभराव की परेशानी न हो. शाह ने खुद को गुजरात का सांसद बताते हुए जनता की समस्याओं की जिम्मेदारी लेने की बात कही. इसी दौरान उन्होंने अहमदाबाद में टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चियों के साथ रक्षाबंधन मनाया और उनके स्वास्थ्य को लेकर सरकार की पहल का जिक्र किया.
शाह ने बारिश के दौरान गुजरात के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान राज्य में 21 इंच बारिश हो चुकी है, लेकिन अगले साल अगर 30 इंच बारिश भी होती है तो जलभराव नहीं होगा, ऐसी व्यवस्था तैयार की जाएगी. उन्होंने साफ किया कि इस समस्या के लिए महानगरपालिका के मेयर या आयुक्त को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है. उनके मुताबिक, समस्या का समाधान करना उनकी भी जिम्मेदारी है.
फार्मा क्षेत्र के लोगों से संवाद के दौरान शाह ने कहा कि देश में कई तरह के आंदोलनों और बड़ी समस्याओं से निपटना उनकी जिम्मेदारी है. इसके साथ ही जहां लोग रहते हैं, वहां जलभराव जैसी स्थानीय समस्याओं का समाधान भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि अगली बार वोट मांगने से पहले जलभराव की समस्या दूर हो जाएगी. शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में लोगों को परेशानी से बचाने का भरोसा भी जताया.
शाह ने भारत को फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम जारी रखने की बात कही. उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य देश की जरूरतें पूरी करने के साथ दुनिया तक दवाएं पहुंचाना है. कोरोना महामारी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने कम समय में अपनी फार्मास्यूटिकल क्षमता दिखाई और दुनिया को वैक्सीन उपलब्ध कराई. उन्होंने यह भी बताया कि महामारी के दौरान देश में एन-95 मास्क की कमी थी, लेकिन सरकार ने समय रहते इसकी व्यवस्था की.
अमित शाह ने अहमदाबाद में अपने संसदीय क्षेत्र की टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चियों के साथ रक्षाबंधन मनाया. उन्होंने कहा कि इस बीमारी से पीड़ित बच्चों को जीवनभर इंसुलिन की जरूरत पड़ती है, जिससे परिवारों पर बड़ा आर्थिक बोझ आता है. शाह के मुताबिक, केंद्र सरकार ऐसे बच्चों को आजीवन मुफ्त इंसुलिन उपलब्ध करा रही है. उन्होंने इसे सेवा, संवेदना और सुरक्षा की सोच से जुड़ी पहल बताया.
शाह ने कहा कि जनसेवा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि संवेदनशील शासन का आधार है. उन्होंने बच्चियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की. उनका कहना था कि बेटी का स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा तो परिवार और समाज का भविष्य भी मजबूत होगा. उन्होंने मुफ्त इंसुलिन की पहल को बेटियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया.