भारत की राष्ट्रीय विमान सेवा एयर इंडिया ने एक अहम फैसला लेते हुए कहा है कि वह 1 सितंबर 2025 से दिल्ली से वाशिंगटन डी.सी. के बीच चल रही अपनी सीधी उड़ानों को रोक देगी. कंपनी का कहना है कि यह कदम अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने और यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने के लिए उठाया जा रहा है.
एयर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि सीधी उड़ान बंद होने के बावजूद यात्रियों के लिए वाशिंगटन पहुंचने के विकल्प खुले रहेंगे. यात्री अब न्यूयॉर्क (JFK), नेवार्क (EWR), शिकागो और सैन फ्रांसिस्को के जरिए वन-स्टॉप उड़ानों से वाशिंगटन पहुंच सकेंगे. इसके लिए एयर इंडिया ने अलास्का एयरलाइंस, यूनाइटेड एयरलाइंस और डेल्टा एयर लाइंस के साथ इंटरलाइन पार्टनरशिप की है, जिससे यात्रियों का सामान अंतिम गंतव्य तक सीधे चेक-इन हो सकेगा.
एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा 'यह निर्णय, हालांकि कठिन है, लेकिन पूरे नेटवर्क में हमारी सेवाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक है. हम अपने यात्रियों की असुविधा को कम करने और अपने विश्वसनीय भागीदारों के माध्यम से वैकल्पिक यात्रा विकल्प प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.'
एयर इंडिया का बोइंग 787-8 विमानों का रेट्रोफिट प्रोग्राम पिछले महीने शुरू हुआ है, जो 2026 के अंत तक चलेगा. इस दौरान विमानों में यात्री अनुभव को बेहतर बनाने के लिए बड़े बदलाव किए जाएंगे. हालांकि, इस प्रक्रिया के चलते बेड़े की उपलब्धता घट जाएगी. साथ ही, पाकिस्तानी एयरस्पेस के बंद होने से लंबी दूरी की उड़ानों का संचालन और जटिल हो गया है, जिससे सीधी वाशिंगटन सेवा प्रभावित हुई है.
एयर इंडिया ने आश्वासन दिया है कि इस फैसले से प्रभावित यात्रियों से सीधे संपर्क कर उनके लिए री-बुकिंग या पूर्ण रिफंड का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा. कंपनी का कहना है कि यह निर्णय भले ही कठिन है, लेकिन यह उसकी नेटवर्क सेवाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने के लिए जरूरी है. एयर इंडिया का लक्ष्य रेट्रोफिट प्रोग्राम के बाद अपनी वैश्विक प्रतिस्पर्धा को और मजबूत करना और यात्रियों की संतुष्टि को बढ़ाना है.