Air India Plane Crash: Boeing के विमानों में दिक्कत? अब तक 9 हजार लोगों की जा चुकी है जान

Air India Plane Crash: गुजरात के अहमदाबाद में हुए प्लेन क्रैश ने पूरे देश को झकझोर दिया है. एयर इंडिया की फ्लाइट AI171, जो अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही थी, टेकऑफ के कुछ ही मिनट बाद मेघानीनगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गई.

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Babli Rautela

Air India Plane Crash: गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 यानी आज एक दर्दनाक विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है. एयर इंडिया की फ्लाइट AI171, जो अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही थी, टेकऑफ के कुछ ही मिनट बाद मेघानीनगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान में 230 यात्री और 12 क्रू सदस्य सवार थे. हादसे के बाद आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया, और घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई.

हादसा दोपहर 1:38 बजे टेकऑफ के 51 सेकंड बाद हुआ. विमान ने रडार से संपर्क खो दिया और मेघानीनगर के पास एक रिहायशी इलाके में क्रैश हो गया. वहां मौजूद लोगों के अनुसार, विमान के गिरते ही जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे आग की लपटें और घना धुआं फैल गया.

यात्रियों की जानकारी

विमान में कुल 242 लोगों में से 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे. विमान को कैप्टन सुमित सभरवाल और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर उड़ा रहे थे. सभरवाल को 8200 घंटे का उड़ान अनुभव था. हादसे में कई लोगों के हताहत होने की आशंका है, हालांकि अभी तक मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

हादसे की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस, एनडीआरएफ और बीएसएफ की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं. सात से अधिक दमकल गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हैं. घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, और सरकार ने 1200 बेड आरक्षित किए हैं. गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने तत्काल राहत और बचाव कार्य के निर्देश दिए. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी हर संभव मदद का आश्वासन दिया.

बोइंग विमानों का विवादास्पद इतिहास

यह पहला मौका नहीं है जब बोइंग के विमान हादसे का शिकार हुए हैं. साल 2024 में दक्षिण कोरिया में बोइंग का एक विमान क्रैश हुआ था, जिसमें 180 लोगों की जान गई. 2018 और 2019 में बोइंग 737 मैक्स की दुर्घटनाओं में 346 लोग मारे गए थे. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बोइंग के विमान दुनिया भर में 6,000 से अधिक दुर्घटनाओं में शामिल रहे हैं, जिनमें 9,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई.

डीजीसीए और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी और मौसम को कारण बताया जा रहा है, लेकिन कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर में कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं मिली. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में साजिश की आशंका जताई गई है, लेकिन यह अभी अस्पष्ट है.