NDA Candidate Vice President: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने स्वास्थ्य कारणों और चिकित्सकीय सलाह का हवाला देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को त्यागपत्र सौंपा. उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 67(क) के तहत यह इस्तीफा तत्काल प्रभाव से दिया.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 74 वर्षीय धनखड़ ने अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति का पद संभाला था और उनका कार्यकाल 2027 तक चलना था. वे राज्यसभा के पदेन सभापति भी थे. उनका इस्तीफा संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन आया, जिससे सियासी हलकों में अचानक हलचल मच गई.
अब संविधान के अनुसार छह महीने के भीतर इस पद के लिए चुनाव कराना अनिवार्य है. तब तक राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन सदन की कार्यवाही संभालेंगे.
धनखड़ के इस्तीफे ने एनडीए सरकार को भी हैरान कर दिया. बीजेपी नेतृत्व वाली एनडीए के पास उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए पर्याप्त संख्याबल है, और पार्टी जल्द ही अपने उम्मीदवार पर विचार-विमर्श शुरू करेगी. संभावित नामों में वर्तमान राज्यपाल, वरिष्ठ संगठनात्मक नेता या केंद्रीय मंत्री शामिल हो सकते हैं.
भाजपा सूत्रों के अनुसार, पार्टी एक ऐसे उम्मीदवार को चुनना चाहती है जो “मजबूत, संतुलित और गैर-विवादास्पद” हो. चर्चा में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश का नाम भी है. हरिवंश जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद हैं और 2020 से इस पद पर कार्यरत हैं. वे सरकार के भरोसेमंद चेहरे माने जाते हैं.
धनखड़ के पूर्ववर्ती एम. वेंकैया नायडू भी भाजपा से थे और उपराष्ट्रपति बनने से पहले केंद्रीय मंत्री रह चुके थे. धनखड़ ने भी इस पद पर रहते हुए कई बार विपक्षी दलों के साथ तीखे टकराव झेले.
धनखड़ भारत के तीसरे उपराष्ट्रपति हैं जिन्होंने कार्यकाल के दौरान इस्तीफा दिया. इससे पहले वीवी गिरि (1969) और आर. वेंकटरमण (1987) ने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए यह पद छोड़ा था.
अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए नेतृत्व एक नए उपराष्ट्रपति के लिए उम्मीदवार चुनने की प्रक्रिया शुरू करेंगे. यह फैसला न केवल राजनीतिक बल्कि संवैधानिक रूप से भी अहम होगा, क्योंकि उपराष्ट्रपति न केवल राज्यसभा के अध्यक्ष होते हैं बल्कि राष्ट्रपति पद के उत्तराधिकारी की संभावनाओं में भी माने जाते हैं.