पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओजेके) में आतंकवाद फिर से देखने को मिला है. लश्कर-ए-तैयबा के कुख्यात कमांडर अबु मूसा कश्मीरी ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के निकट टाटरीनोट क्षेत्र में जिहादियों को संबोधित करते हुए हिन्दुस्तान और हिंदूओं के खिलाफ जहर उगला. उसने अपने भाषण में खुले तौर पर हिंसा को बढ़ावा दिया.
भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा हाल ही में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान के अंदर छिपे आतंकवादियों को गहरा झटका दिया है. सूत्रों का कहना है कि इस अभियान से आतंकी संगठनों को भारी नुकसान पहुंचा, जिससे वे अब अपने कैडर में जोश भरने और पाकिस्तानी धरती पर अपनी मौजूदगी बनाए रखने के लिए भड़काऊ भाषणों का सहारा ले रहे हैं.
अबु मूसा कश्मीरी का यह भाषण पूंछ जिले के हजीरा तहसील (रावलाकोट) इलाके में दिया गया. जहां उसने कश्मीर मुद्दे पर कहा कि 'यह भीख मांगने से नहीं, बल्कि हिंदुओं की गर्दनें काटकर हासिल होगा.' यह बयान न केवल हिंसा को प्रोत्साहित करता है, बल्कि आतंकियों की हताशा को भी दर्शाता है. अपने संबोधन में अबु मूसा ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को दिए कथित संदेश का जिक्र करते हुए दावा किया कि कश्मीर का समाधान केवल जिहाद और आतंकवाद के माध्यम से ही संभव है. खुफिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि पीओजेके में आतंकी खुलेआम घूमते हैं और उन्हें राज्य स्तर पर संरक्षण मिलता है.
#BigBreaking:-
🇵🇰 Abu Musa Kashmiri, senior Lashkar-e-Taiba (JKUM) commander, openly delivered a genocidal hate speech inciting mass violence against Hindus, stating that,
“freedom will not be achieved by begging it will be achieved by slitting the throats of Hindus.” He… pic.twitter.com/IvvoAVmoen— Amit Bhardwaj (@AmmyBhardwaj) January 14, 2026Also Read
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सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, अबु मूसा कश्मीरी ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले से ठीक पहले भी इसी तरह का उकसावे वाला भाषण दिया था. जांचकर्ताओं का मानना है कि ऐसे भाषण हमलों से पूर्व माहौल तैयार करने, कट्टरपंथी युवाओं को भड़काने और हिंसक कार्रवाइयों को जायज ठहराने के उद्देश्य से दिए जाते हैं. यह पैटर्न दर्शाता है कि आतंकी संगठन सोची-समझी रणनीति के तहत काम करते हैं, जहां भाषण हमलों की जमीन तैयार करते हैं.
भारतीय एजेंसियां ऐसे बयानों पर कड़ी नजर रख रही हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके. भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बार स्पष्ट किया है कि पीओजेके में आतंकवादियों को खुली छूट मिली हुई है और वे राज्य-समर्थित वातावरण में पनप रहे हैं. अबु मूसा कश्मीरी का ताजा बयान भारत के इस दावे को और पुष्ट करता है.