नई दिल्ली: भारत की वनडे टीम में हाल ही में आयुष बडोनी के चयन को लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर और सेलेक्टर क्रिस श्रीकांत ने तीखी आलोचना की है. श्रीकांत ने इस निर्णय को पूरी तरह गलत करार देते हुए चयन प्रक्रिया में पक्षपात का आरोप लगाया. क्रिस श्रीकांत ने कहा कि आयुष बडोनी का हालिया घरेलू प्रदर्शन किसी भी तरह से टीम इंडिया में चयन के योग्य नहीं था.
उन्होंने विशेष रूप से बडोनी के विजय हजारे ट्रॉफी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि इस स्तर के आंकड़ों के साथ उनका चयन समझ से परे है. श्रीकांत ने यह भी कहा कि चयन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मानदंड स्पष्ट नहीं हैं.
श्रीकांत ने कहा, "कुछ खिलाड़ियों से रन बनाने की उम्मीद की जाती है लेकिन कुछ को बिना प्रदर्शन के भी चुना जा रहा है." उन्होंने इस तरह के निर्णय से उन घरेलू खिलाड़ियों पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी चिंता जताई जो अपने मौके का इंतजार कर रहे हैं.
पूर्व क्रिकेटर ने बडोनी के आईपीएल प्रदर्शन को लेकर भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि आईपीएल में खेलना किसी खिलाड़ी को 50 ओवर के मैच में सफलता की गारंटी नहीं देता. श्रीकांत ने बडोनी की पावर हिटिंग और अनऑर्थोडॉक्स शॉट्स पर भी सवाल उठाए और कहा, "वह मैच का रुख बदलने की क्षमता नहीं रखते."
बडोनी को ऑलराउंडर के रूप में देखने पर भी उन्होंने संदेह जताया. श्रीकांत ने कहा कि "तीन विकेट लेने से उसे ऑलराउंडर कहना सही नहीं. आईपीएल में उसने कितनी बार गेंदबाजी की, किसी ने देखा है?"
श्रीकांत ने अनुभवी खिलाड़ियों की अनदेखी पर भी नाराज़गी जताई. उन्होंने रुतुराज गायकवाड़ के चयन न होने को "पूरी तरह अनुचित" बताया और सवाल किया कि उन्होंने क्या गलत किया. साथ ही, यदि टीम को ऑलराउंडर की जरूरत थी तो अक्षर पटेल को क्यों नजरअंदाज किया गया.
पूर्व क्रिकेटर ने बडोनी के चयन में आईपीएल कनेक्शन की संभावना का भी इशारा किया. उन्होंने कहा कि "बडोनी ने LSG टीम के लिए खेला और वहां उनका मेंटर भी था, शायद इसी वजह से उन्हें टीम में शामिल किया गया." उन्होंने यह भी कहा कि आजकल भारतीय टीम में जगह बनाना पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल हो गया है.