प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेजर अभिलाषा बराक को संयुक्त राष्ट्र मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड मिलने पर बधाई दी है. पीएम ने उनकी उत्कृष्ट सेवा की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि भारतीय, खासकर उन लड़कियों के लिए प्रेरणा है जो समाज और देश की सेवा करना चाहती हैं. मेजर बराक भारत की पहली महिला कॉम्बैट हेलीकॉप्टर पायलट हैं. वो भारत की तीसरी महिला अधिकारी हैं जिन्हें यह मिलिट्री जेंडर एडवोकेट अवॉर्ड मिला है.
मेजर बराक भारत की पहली महिला कॉम्बैट हेलीकॉप्टर पायलट हैं. उन्हें संयुक्त राष्ट्र के 2005 मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान उन्हें शांति मिशन में महिलाओं की भूमिका और उनके दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए दिया गया. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पुरस्कार देते हुए कहा कि मेजर बराक उन लोगों के लिए एक आदर्श हैं जिनकी आप सेवा करती हैं और जिनके साथ आप काम करती हैं.
Congratulations to Major Abhilasha Barak on being conferred the UN Military Gender Advocate of the Year Award. Major Barak is serving as an Engagement Team Commander and Gender Focal Point within the United Nations Interim Force in Lebanon (UNIFIL). This honour is a recognition… pic.twitter.com/00Yyv963GT
— Narendra Modi (@narendramodi) June 7, 2026
लेबनान में तैनात मेजर बराक ने कहा कि सपनों का कोई जेंडर नहीं होता और न ही नेतृत्व, साहस या मानवता की सेवा करने की इच्छाशक्ति का कोई जेंडर नहीं होता. बराक ने आगे कहा कि यह पुरस्कार इस बात की याद दिलाता है कि शांति तभी बन सकती है जब हर आवाज सुनी जाए और हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का मौका मिले.
संयुक्त राष्ट्र के सहायक महासचिव लिसा बटेनहेम ने कहा कि मेजह बराक के नेतृत्व और नए तरीकों ने सैन्य अभियानों में महिलाओं, शांति और सुरक्षा से जुड़े काम को आगे बढ़ाया है. वहीं गुटेरेस ने बराक के काम के बारे में कहा कि स्थानीय समुदायों के साथ भरोसा बनाकर उन्होंने शुरुआती अलार्मिंग नेटवर्क बनाने में मदद की जिससे नागरिकों की सुरक्षा मजबूत हुई. उन्होंने यह भी कहा कि एक फ्रंटलाइन कमांडर के रूप में उन्होंने हजारों महिलाओं और लड़कियों से जुड़कर उन्हें कौशल प्रशिक्षण, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों का लाभ दिलाया जिससे उनकी जिंदगी बदली है.