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कौन हैं मेजर अभिलाषा बराक, जिन्हें मिला संयुक्त राष्ट्र का सबसे बड़ा सम्मान, पीएम मोदी ने दी बधाई

लेबनान में तैनात मेजर बराक ने कहा कि यह पुरस्कार इस बात की याद दिलाता है कि शांति तभी बन सकती है जब हर आवाज सुनी जाए और हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का मौका मिले.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
कौन हैं मेजर अभिलाषा बराक, जिन्हें मिला संयुक्त राष्ट्र का सबसे बड़ा सम्मान, पीएम मोदी ने दी बधाई
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेजर अभिलाषा बराक को संयुक्त राष्ट्र मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड मिलने पर बधाई दी है. पीएम ने उनकी उत्कृष्ट सेवा की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि भारतीय, खासकर उन लड़कियों के लिए प्रेरणा है जो समाज और देश की सेवा करना चाहती हैं. मेजर बराक भारत की पहली महिला कॉम्बैट हेलीकॉप्टर पायलट हैं. वो भारत की तीसरी महिला अधिकारी हैं जिन्हें यह मिलिट्री जेंडर एडवोकेट अवॉर्ड मिला है.

भारत की पहली महिला कॉम्बैट हेलीकॉप्टर पायलट

मेजर बराक भारत की पहली महिला कॉम्बैट हेलीकॉप्टर पायलट हैं. उन्हें संयुक्त राष्ट्र के 2005 मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान उन्हें शांति मिशन में महिलाओं की भूमिका और उनके दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए दिया गया. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पुरस्कार देते हुए कहा कि मेजर बराक उन लोगों के लिए एक आदर्श हैं जिनकी आप सेवा करती हैं और जिनके साथ आप काम करती हैं.

पुरस्कार मिलने पर क्या बोली मेजर बराक

लेबनान में तैनात मेजर बराक ने कहा कि सपनों का कोई जेंडर नहीं होता और न ही नेतृत्व, साहस या मानवता की सेवा करने की इच्छाशक्ति का कोई जेंडर नहीं होता. बराक ने आगे कहा कि यह पुरस्कार इस बात की याद दिलाता है कि शांति तभी बन सकती है जब हर आवाज सुनी जाए और हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का मौका मिले.

संयुक्त राष्ट्र के सहायक महासचिव लिसा बटेनहेम ने कहा कि मेजह बराक के नेतृत्व और नए तरीकों ने सैन्य अभियानों में महिलाओं, शांति और सुरक्षा से जुड़े काम को आगे बढ़ाया है. वहीं गुटेरेस ने बराक के काम के बारे में कहा कि स्थानीय समुदायों के साथ भरोसा बनाकर उन्होंने शुरुआती अलार्मिंग नेटवर्क बनाने में मदद की जिससे नागरिकों की सुरक्षा मजबूत हुई. उन्होंने यह भी कहा कि एक फ्रंटलाइन कमांडर के रूप में उन्होंने हजारों महिलाओं और लड़कियों से  जुड़कर उन्हें कौशल प्रशिक्षण, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों का लाभ दिलाया जिससे उनकी जिंदगी बदली है.