तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी ने पार्टी छोड़कर गए नेताओं को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यदि उनके विरोध में टीएमसी से अलग हुए नेता दोबारा पार्टी में शामिल हो जाते हैं, तो वह एक घंटे के भीतर अपने पद से इस्तीफा देने को तैयार हैं. बिना किसी नेता का नाम लिए उन्होंने दावा किया कि कई लोगों ने ऐसे समय में पार्टी छोड़ी, जब उन पर विभिन्न प्रकार के दबाव बनाए जा रहे थे.
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि पार्टी छोड़ने वाले कुछ नेताओं ने भाजपा के साथ समझौता किया था. उनका दावा है कि इन नेताओं को अलग गुट बनाने या भाजपा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई से राहत का भरोसा देकर उनसे उनके खिलाफ बयान देने और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई. हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
Our Hon’ble National General Secretary Shri @abhishekaitc addressed the media on important issues today, in Kalighat. pic.twitter.com/X8aaMKxzXQ
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) July 18, 2026
टीएमसी सांसद ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कठिन परिस्थितियों में भी संगठन का साथ नहीं छोड़ा और जनता का भरोसा बनाए रखा. उनके अनुसार, चुनौतीपूर्ण दौर में जमीनी कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत रही. उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने में कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे अहम है.
इधर, टीएमसी के भीतर राजनीतिक गतिविधियां तेज बनी हुई हैं. पार्टी छोड़ने वाले कुछ नेताओं ने संगठन की कार्यशैली और नेतृत्व को लेकर असंतोष जताया है. वहीं, एक अलग गुट के गठन और उसे राजनीतिक मान्यता मिलने के दावों के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ गई है. इन घटनाक्रमों के बीच अभिषेक बनर्जी का बयान सियासी चर्चाओं का केंद्र बन गया है और आने वाले दिनों में टीएमसी की आंतरिक राजनीति पर सभी की नजर रहेगी.