लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में आयोजित तहसील दिवस के दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को हैरान कर दिया. अपनी समस्या लेकर पहुंचे आठवीं कक्षा के एक छात्र ने बिना झिझक अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी. उसकी साफगोई और आत्मविश्वास से प्रभावित होकर जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया और मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
गोटैय्याबाग निवासी छात्र अपनी पारिवारिक समस्या को लेकर तहसील दिवस में पहुंचा था. उसने अधिकारियों को बताया कि उसकी मां दूसरे लोगों के घरों में काम करके परिवार का पालन-पोषण करती हैं. वहीं उसके चाचा और चाची ने उनके घर पर ताला लगा रखा है, जिससे परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
जब छात्र की बारी आई तो उसने बिना किसी डर के अपनी बात जिलाधिकारी के सामने रखी. उसने साफ कहा कि उसके घर का ताला खुलवाया जाए ताकि परिवार अपने घर में रह सके. बच्चे की गंभीर शिकायत सुनकर जिलाधिकारी ने तत्काल मामले पर ध्यान दिया और मौके पर मौजूद कोतवाल को कार्रवाई के निर्देश दिए.
लखीमपुर खीरी से एक बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां तहसील दिवस में पहुंचे 8वीं क्लास के एक बच्चे के बेबाक अंदाज ने हर किसी का दिल जीत लिया।
— Abhishek Tyagi (@abhishek03tyagi) July 18, 2026
बच्चे की हाजिरजवाबी और तेवर देखकर खुद डीएम भी तुरंत एक्शन लेने को मजबूर हो गए।
दरअसल, गोटैय्याबाग का रहने वाला यह… pic.twitter.com/jMBKlxGvNv
जिलाधिकारी ने कोतवाल से कहा कि बच्चे का काम देख लिया जाए. इस पर छात्र ने तुरंत जवाब दिया कि केवल देखने की बात न कहें, बल्कि सीधे ताला खुलवाने का आदेश दें. इसके बाद उसने चुटीले अंदाज में एक और टिप्पणी की, जिसे सुनकर वहां मौजूद अधिकारी भी कुछ पल के लिए हैरान रह गए.
बच्चे की स्पष्ट बात और उसके आत्मविश्वास को देखते हुए जिलाधिकारी ने पुलिस अधिकारियों को बिना देरी किए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर नियमानुसार छात्र की समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए. इसके बाद संबंधित पुलिस टीम को आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा गया.
तहसील दिवस में हुई यह घटना अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. लोगों का कहना है कि कम उम्र में भी छात्र ने जिस साहस के साथ अपनी बात रखी, वह प्रेरणादायक है. वहीं प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश भी दिया कि जनसुनवाई में उठाई गई समस्याओं पर गंभीरता से निर्णय लिया जाता है.