Tamil Nadu Assembly Election 2026 Assembly Election 2026 West Bengal Assembly Election 2026

बाबा केदार का तांडव, या आपदा? फिर फटा बादल, बह गया पैदल मार्ग, 200 श्रद्धालु फंसे

केदारनाथ में बादल फटने की वजह से मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं. प्रशासन ने लोगों को सड़क पर न निकलने की सलाह दी है. केदारनाथ में बादल फटने की घटना के बाद से ही प्रशासन अलर्ट मोड पर है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारी बारिश के चलते आपदा प्रबंधन सचिव से फोन पर अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों एवं राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली. खबर है कि यहां 200 श्रद्धालु फंसे है. यात्रा को आधिकारिक रूप से फिलहाल रोक दिया गया है. 

Social Media
India Daily Live

एक बार फिर उत्तराखंड के केदारनाथ में बादल फटने की खबर सामने आई है. यहां पैदल मार्ग का करीब 30 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है. अचानक हुई भारी बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है.यहां बादल फटने के बाद राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, पुलिस और स्थानीय अधिकारियों ने अलर्ट जारी कर दिया गया है. गनीमत रही कि घटना के वक्त यात्रा मार्ग खाली थे लेकिन मंदिर प्रांगण, रामबाड़ा, गौरीकुंड में यात्री मौजूद थे. यहां 200 से ज्यादा श्रद्धालु फंसे हुए हैं. इन्हें निकालने के लिए SDRF जवानों को गौरीकुंड से रवाना किया गया है. फिलहाल पूरी यात्रा को रोक दी गई है.

 पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ है. इसी वजह से कई यात्री यहां फंसे हैं, जिन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने की कवायद हो रही है. मिली जानकारी के मुताबिक यहां बादल फटने की वजह से एक बार केदारनाथ को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है.

केदारनाथ में फटा बादल 

उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग में स्थित केदारनाथ मंदिर से करीब 4 किमी पहले ही बादल फटा. यह घटना बुधवार यानी कल रात 9 बजे गौरीकुंड से आगे रामबाड़ा और जंगल चट्टी के बीच पैदल मार्ग पर भीम बली के गदेरे में हुई. यहां कुछ ही मिनट में कई मिमी बारिश होने की वजह से पहाड़ से चट्टान गिरने लगी. रात और बारिश की वजह से ये मार्ग खाली था इसलिए किसी भी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है.  

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिया जायजा

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारी बारिश के चलते आपदा प्रबंधन सचिव से फोन पर बादल फटने और राहत बचाव कार्य की पूरी जानकारी ली, सीएम धामी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर लिखा,  'राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के संबंध में आज देर रात्रि सचिव आपदा प्रबंधन से फोन पर वार्ता कर अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों एवं राहत व बचाव कार्यों की जानकारी प्राप्त की. पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन,NDRF एवं SDRF की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है. श्री केदारनाथ धाम की यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है. आपदा की दृष्टि से राज्य में जो संवेदनशील क्षेत्र हैं उनकी मॉनिटरिंग स्वयं भी कर रहा हूं और अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हूं. मौसम विभाग द्वारा कई स्थानों पर भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है,आप समस्त प्रदेशवासी आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से निकलें. प्रदेशवासियों एवं राज्य में आने वाले यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.'