TVK की आंधी में ऑटो ड्राइवर की आई मौज, पांच बार के विधायक को हराकर रचा इतिहास
तमिलनाडू विधानसभा चुनाव में पहली बार मैदान में उतरी एक्टर विजय की टीवीके रुझानों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. रॉयपुरम सीट से टीवीके उम्मीदवार विजय धामू ने दिग्गज सुबैर खान और डी जयकुमार को हराकर जीत हासिल कर ली है. खास बात यह है कि धामू एक ऑटो ड्राइवर हैं.
चेन्नई: तमिलनाडू विधानसभा चुनाव की मतगणना ने देश को चौंका दिया है. मतगणना के रुझानों ने पहली बार चुनाव लड़ रही एक्टर विजय की पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनाकर उभरी है. शुरूआत से ही विजय की टीवेके बड़ी संख्या में आगे चल रही. इस बीच रॉयपुरम सीट से टीवीके उम्मीदवार विजय धामू ने दिग्गज सुबैर खान और डी जयकुमार को हराकर जीत हासिल कर ली है. खास बात यह है कि विजय धामू पेशे से एक ऑटो ड्राइवर हैं जिन्हें एक्टर विजय ने अपनी पार्टी से टिकिट दिया था. विजय धामू को कुल 55000 वोट मिले. उन्होंने अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंदी को 14000 हजार वोटों से मात दी है.
पांच बार के विधायक डी जयकुमार को दी पटखनी
टीवीके के उम्मीदवार की जीत इसलिए भी अहम है क्योंकि उन्होंने एआईडीएमके के पांच बार के विधायक डी जयकुमार को हराकर जीत अपने नाम की है. डी जयकुमार को केवल 18000 वोट ही मिल सके और वो तीसरे स्थान पर सिमट कर रह गए. टीवीके उम्मीदवार विजय धामू के सबसे निकटतम उम्मीदवार डीएमके प्रत्याशी सुबैर खान रहे जो दिवंगत दिग्गज नेता और मंत्री रह चुके रहमान खान के बेटे हैं. सुबैर खान दूसरे स्थान पर तो रहे.
आम आदमी के रूप में चलाया चुनाव अभियान
एक्टर विजय के फैन क्लब 'विजय मक्कल इयक्कम' से धामू लंबे समय से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपना चुनाव अभियान भी एक आम आदमी की पहचान को आधार बनाकर चलाया था. उन्होंने अपने इलेक्शन कैंपेन के दौरान जनता से कहा था कि 'आप हमें नया चेहरा कह सकते हैं, लेकिन हम अपने फैन क्लबों के जरिए सालों से जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे हैं.
टीवीके प्रमुख विजय की लोकप्रियता का मिला फायदा
टीवीके प्रमुक और एक्टर विजय ने भी अपने उम्मीदवार को अपनी लोकप्रियता का पूरा फायदा लेने का मौका दिया. उन्होंने रणनीतिक रूप से हर चुनाव क्षेत्र में खुद को प्रमुख चेहरा बनाकर उम्मीदवारों को फायदा दिलाया. पूरे राज्य में इसी थलपति फैक्टर ने बदलाव ला दिया है. टीवीके ने रुझानों में 100 सीटों पर बढ़त बनाई हुई है.
एआईडीएमके को तगड़ा झटका
रॉयपुरम 1991 से जयकुमार का मजबूत किला रहा है. यहां से हार मिलना एआईडीएमके के लिए बहुत बड़ा झटका है. टीवीके राज्य में बहुमत की ओर बढ़ रही है. वहीं विजय धामू का ऑटो स्टैंड से विधानसभा तक का सफर एक आम आदमी की जीत का प्रतीक बन रही है.