नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा स्थित ऑब्जर्वेशन होम से तीन बंदियों के फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस वारदात में बंदियों ने ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मियों पर हमला किया और मौके से भाग निकले.
फरार होने वालों में दबलेहर आरएस पुरा का रहने वाला करजीत सिंह उर्फ गुग्गा और दो पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद सुना-उल्लाह व अहसान अनवर शामिल हैं. जानकारी के अनुसार, भागने से पहले इन तीनों ने ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों पर अचानक हमला कर दिया.
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि हमले के दौरान पिस्तौल से फायरिंग की गई. घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें एक बंदी को पीछे से पुलिसकर्मी पर हथियार तानते और गोली चलाते हुए देखा जा सकता है. हालांकि, पिस्तौल उनके पास कैसे पहुंची, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. इस पहलू की भी गहन जांच की जा रही है.
हमले में पुलिसकर्मी विनय कुमार और प्रवीन कुमार घायल हो गए. दोनों को तुरंत आरएस पुरा के सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल ले जाया गया. वहां के मेडिकल ऑफिसर डॉ. सनोवर सिंह ने बताया कि प्राथमिक उपचार देने के बाद उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया. फिलहाल, दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है.
घटना के बाद पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फरार बंदियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं. विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की जा रही है ताकि जल्द से जल्द उन्हें पकड़ा जा सके. बताया जा रहा है कि दो पाकिस्तानी किशोर गलती से सीमा पार कर भारत में आ गए थे और उनका किसी आतंकी गतिविधि से संबंध नहीं पाया गया था. वहीं, करजीत सिंह को एक स्थानीय गिरोह से जुड़ा बताया जा रहा है.
जानकारी के अनुसार, के अनुसार, तीनों बंदियों को आरएस पुरा स्थित ऑब्जर्वेशन होम में रखा गया था. रविवार शाम लगभग 5 बजकर 15 मिनट पर उन्होंने वहां ड्यूटी कर रहे दो पुलिसकर्मियों पर अचानक हमला कर दिया. हमले में दोनों जवान घायल हो गए. इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर तीनों बंदी मौके से फरार हो गए.