सरकारी स्कूलों में छात्रों के पोषण को सही रखने के लिए चलाए जा रहे मिड-डे मील योजना को लेकर एक बार फिर से सवाल उठने लगे हैं. एक ही दिन में तेलंगाना और तमिलनाडु से सामने आई दो अलग-अलग घटनाओं में 50 से अधिक छात्र बीमार पड़ गए. जिन्हें इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा.
तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के एक प्राथमिक विद्यालय में मील खाने के बाद 22 से ज्यादा छात्रों की अचानक तबीयत बिगड़ गई. छात्रों को भोजन करने के कुछ देर बाद ही पेट में दर्द और बेचैनी होने लगी. जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया.
छात्रों की तबीयत बिगड़ते ही स्कूल प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी प्रभावित छात्रों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया. लिस अधिकारी ने बताया कि छात्रों को समय रहते इलाज मिल गया, जिससे उनकी हालत में तेजी से सुधार हुआ. अस्पताल में भर्ती छात्रों की हालत अब ठीक है और जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी. अधिकारी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि अभी तक किसी भी अभिभावक की ओर से कोई औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. साथ ही छात्रों के बीमार होने के पीछे का सटीक कारण पता नहीं चल पाया है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा मामले पर नजर रखी जा रही है और छात्रों के भोजन की गुणवत्ता की जांच भी की जा रही है. जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती है तबतक किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकेगा.
इसी तरह दूसरी घटना तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले की है. जिसमें ओडक्कलपलयम स्थित एक सरकारी मिडिल स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद 33 से अधिक छात्रों की तबीयत खराब हो गई. यह घटना 4 जनवरी को सुल्तानपेट यूनियन क्षेत्र में हुई, जब छात्रों ने हर दिन की तहर अपने मिड-डे मील खया था. भोजन करने के कुछ समय बाद छात्रों में उल्टी, तेज पेट दर्द और बेचैनी जैसे लक्षण दिखाई देने लगे. बच्चों का हाल देखते ही स्कूल प्रशासन में हड़कंप मच गया.
प्रभावित छात्रों को तुरंत सुल्तानपेट और आसपास के क्षेत्रों के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया. कुछ छात्रों का इलाज सुल्तानपेट स्थित आराम अस्पताल में किया गया, जबकि अन्य को सेंजेरी मलाई के पुरुषोत्तमन अस्पताल और रॉयल केयर अस्पताल ले जाया गया. सभी छात्रों को प्राथमिक उपचार के बाद निगरानी में रखा गया. इन दोनों घटनाओं ने सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील योजना की निगरानी, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.