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चाचा शरद के साथ आने वाले थे अजित पवार, NCP के मर्जर की डेट भी हो चुकी थी फाइनल! किस्मत की चाल ने पलटा खेल

एनसीपी नेता अजित पवार एक बार फिर से अपने चाचा के साथ मर्ज होने की प्लानिंग कर रहे थे. रिपोर्ट की मानें तो सारी प्लानिंग फाइनल हो चुकी थी, इसे बस एग्जीक्यूट करना था.

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Edited By: Shanu Sharma
चाचा शरद के साथ आने वाले थे अजित पवार, NCP के मर्जर की डेट भी हो चुकी थी फाइनल! किस्मत की चाल ने पलटा खेल
Courtesy: X (@JaipurDialogues)

नई दिल्ली: हर इंसान अपने भविष्य की योजना बनाने में जुटा है. किसी को घर खरीदना है, किसी को नौकरी करनी है तो कोई शादी कर के नए जीवन शुरू करने की प्लानिंग कर रहा है. लेकिन किसी को नहीं पता कि अगले पल क्या होने वाला है. उनके लिए कल होगा भी या नहीं, इस बात की भी कोई जानकारी नहीं है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण इस समय अजित पवार के रूप में देखा जा सकता है. 

मुख्यमंत्री बनने की चाह में अजित पवार सालों से कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि उनकी कहानी का ऐसे अंत होगा. पॉवर की चाहत में अजित पवार और शरद पवार अलग हो गए थे, लेकिन कहा जा रहा है कि अब चाचा-भतीजा एक होने की तैयारी कर रहे थे. 

महाराष्ट्र की राजनीति को बड़ी क्षति

अजित पवार और शरद पवार नगर निकाय चुनाव के बाद मर्जर की प्लानिंग कर रहे थे. खबरे आ रही थी कि डेट भी फाइनल कर लिया गया था लेकिन शायद किस्मत को यह मंजूर नहीं था. रिपोर्ट का कहना है कि एनसीपी के एक होने से पहले अजित पवार का बारामती विमान हादसे में निधन हो गया. इसी के साथ अभी के लिए एनसीपी के एक होने की बात केवल खबर बन गई. अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र की राजनीति को गहरा आघात पहुंचा है. राजनीतिक दुनिया के अलावा इस घटना से पूरे परिवार को झटका लगा है.

क्या थी अजित पवार की प्लानिंग?

रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि दोनों धड़ों के विलय को लेकर बस बात पूरी हो चुकी थी, बस औपचारिक रूप से इसकी घोषणा करने की तैयारी की जा रही थी. हालांकि अभी के समय में उपमुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चा तेज हो चुकी है कि अजित पवार की जगह पर किसे डिप्टी सीएम बनाया जाएगा. अजित पवार और शरद पवार का कहना था कि पार्टी के अलग होने की वजह से मतदाताओं के वोट बट रहे थे. उनका माना था कि दो चुनाव चिन्ह होने की वजह से लोग कंफ्यूज हो रहे थे. कहा जा रहा है कि 17 जनवरी को शरद पवार और अजित पवार के बीच बैठक हुई थी. जिसमें दोनों ने पार्टी के विलय करने पर सहमति जताई थी. इस बात की जानकारी देते हुए शशिकांत शिंदे ने कहा कि अजित दादा नगर निमगम चुनावों के बाद साथ आने की प्लानिंग कर रहे थे. हालांकि अब पार्टी इस पर अपना निर्णय लेगी.