नई दिल्ली: बुधवार 28 जनवरी 2025 को महाराष्ट्र के बारामती में एक निजी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत कुल 5 लोगों की जान चली गई. बताया गया कि विमान लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, तभी यह हादसा हुआ. पूरे देश में इस खबर से शोक की लहर फैल गई. जहां एक तरफ लोग इस दुखद घटना पर संवेदना जता रहे थे, वहीं दूसरी तरफ कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने बेहद असंवेदनशील घटिया कमेंट करने शुरू कर दिए हैं. इन ट्रोल्स ने को पायलट शाम्भवी पाठक को केवल महिला होने के कारण निशाना बनाया. यह ट्रोलिंग न सिर्फ अपमानजनक थी बल्कि समाज की सोच पर भी सवाल खड़े करती है.
को पायलट शाम्भवी पाठक को लेकर सोशल मीडिया पर ऐसे बयान दिए गए जिनमें उनकी योग्यता पर सवाल उठाए गए. कुछ यूजर्स ने यह तक कहा कि महिलाएं उड़ान जैसे जिम्मेदार काम के लिए उपयुक्त नहीं हैं. इन बयानों से साफ जाहिर होता है कि आज भी महिला पेशेवरों को किस तरह की मानसिकता का सामना करना पड़ता है.
इन टिप्पणियों के सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने ट्रोल्स की आलोचना की. कई यूजर्स ने कहा कि हादसे की जांच पूरी होने से पहले किसी एक व्यक्ति या जेंडर को दोष देना बेहद गलत है. लोगों ने यह भी याद दिलाया कि एविएशन जैसे क्षेत्र में महिला पायलटों ने दुनिया भर में शानदार प्रदर्शन किया है.
इस ट्रोलिंग के बीच अजित पवार का एक पुराना बयान भी सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा. यह बयान उन्होंने 2024 में महिला सशक्तिकरण से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान दिया था. उस बयान को लेकर भी अब बहस छिड़ गई है. कई लोग इसे गलत संदर्भ में पेश करने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे लेकर सवाल उठा रहे हैं.
इस दुर्घटना पर विमान संचालक कंपनी वीएसआर एविएशन के वरिष्ठ अधिकारी वीके सिंह ने भी अपना रिएक्शन दिया है. उन्होंने बताया कि विमान पूरी तरह से तकनीकी रूप से ठीक था और उसका नियमित रखरखाव किया गया था. उनके अनुसार, विमान में किसी तरह की तकनीकी खराबी नहीं पाई गई थी.
कंपनी की ओर से यह भी बताया गया कि विमान को कैप्टन सुमित कपूर उड़ा रहे थे, जिनके पास करीब 16000 घंटे का उड़ान अनुभव था. को पायलट शाम्भवी पाठक भी अनुभवी पायलट थीं और दोनों दिल्ली में रहते थे. इस बयान से साफ होता है कि कॉकपिट में मौजूद टीम पूरी तरह प्रशिक्षित थी.