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'हमारी चैंपियनशिप होगी, ए़डहॉक कमेटी को नहीं मानते', संजय सिंह निलंबन पर भी दिया बयान

भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि डब्ल्यूएफआई को निलंबित नहीं किया गया है. वह एडहॉक कमेटी को नहीं मानते हैं.

Gyanendra Sharma

नई दिल्ली: भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि डब्ल्यूएफआई को निलंबित नहीं किया गया है. वह एडहॉक कमेटी को नहीं मानते हैं. मीडिया से बात करते हुए संजय सिंह ने कहा कि हम अपना चैंपियनशिप कराएंगे. संजय सिंह का यह बयान खेल मंत्रालय के एक दिन पहले (7 जनवरी) दिए गए उस बयान के बाद आया है जिसमें कहा गया था निलंबित भारतीय कुश्ती महासंघ के पास सीनियर नेशनल चैंपियनशिप आयोजित करने का कोई अधिकार नहीं है और उस कमेटी के कराए जाने वाले किसी भी टूर्नामेंट को अस्वीकृत और गैर-मान्यता प्राप्त माना जाएगा.

 संजय सिंह ने क्या कहा?

संजय सिंह ने कहा कि हमने घोषणा की है तो हमारी चैंपियनशिप होगी. जब उनसे पूछा गया कि भारतीय कुश्ती महासंघ निलंबित किया गया है तो उन्होंने कहा, ''कहां संघ खत्म कर दिया गया, पहले सूचना तो आप लोग दुरुस्त करिए कि संघ खत्म नहीं किया गया है' संजय सिंह ने कहा, ''एडहॉक कमेटी जो बनाई गई, उसको हम नहीं मानते हैं.'' उन्होंने कहा, ''अगला कदम अपना नेशनल (चैंपियनशिप) करा रहे हैं, अपना सारा काम करा रहे हैं हम.''

कोर्ट में चैलेंज करेंगे संजय सिंह?

खेल मंत्रालय के फैसले को कोर्ट में चैलेंज देने के सवाल पर संजय सिंह ने कहा कि इसपर फैसला लीगल ओपिनियन लेने के बाद की जाएगी. उन्होंने कहा, 16 जनवरी को हमारी एग्जीक्यूटिव बॉडी की मीटिंग है, पूरी बॉडी, पूरी फेडरेशन जो डिसीजन लेगी वही सबको मान्य होगा. संजय सिंह ने रेसलर बजरंग पुनिया पर हमला करते हुए कहा कि खिलाड़ियों का नुकसान तो उन्हीं की वजह से हो रहा है. जूनियर पहलवान खुद ही बता रहे हैं कि किसकी वजह से नुकसान हो रहा है.

खेल मंत्रालय ने WFI को कर दिया था निलंबित

डब्ल्यूएफआई के चुनाव में संजय सिंह की जीत के बाद देश के कई बड़े पहलवानों ने विरोध जताया. साक्षी मलिक ने कुश्ती से संन्यास की घोषणा कर दी. पहलवान बजरंग पुनिया ने अपना पद्मश्री और विनेश फोगाट ने अपना अर्जुन पुरस्कार और खेल रत्न लौटा दिया. विरोध के बाद खेल मंत्रालय ने नियमों के कई उल्लंघनों का हवाला देते हुए खेल निकाय को निलंबित कर दिया था और उसके बाद भारतीय ओलंपिक संघ ने महासंघ के दिन-प्रतिदिन के काम के लिए तीन सदस्यीय एकहॉक कमेटी का गठन किया था.