नई दिल्ली: सर्दियों में ठंडी हवाओं के कारण माइग्रेन के दर्द में बढ़ोतरी देखी जाती है. बहुत से लोग महसूस करते हैं कि सर्दियों में सिरदर्द और चक्कर अधिक होते हैं. यह मौसम शरीर में रक्त प्रवाह और न्यूरोलॉजिकल गतिविधियों को प्रभावित करता है, जिससे माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है. हालांकि, कुछ सरल और असरदार उपाय अपनाकर इस परेशानी को कम किया जा सकता है.
अगर आप अपने जीवनशैली में बदलाव करते हैं और पोषण और घरेलू नुस्खों के इस्तेमाल करते हैं तो इससे माइग्रेन के दर्द को नियंत्रित करना संभव है. ये तरीके न केवल राहत देते हैं बल्कि बार-बार होने वाले माइग्रेन को रोकने में भी मददगार हैं.
सर्दियों में लोग पानी कम पीते हैं. लेकिन ऐसा करना आपके सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. इससे आप अपनी आफत खुद बढ़ाते हैं. इससे माइग्रेन की संभावना बढ़ जाती है. दिनभर पर्याप्त गर्म पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और सिर में दर्द की संभावना कम होती है. हर्बल टी जैसे अदरक और पुदीना भी राहत पहुंचाते हैं.
आलस छोड़ें और व्यायाम और स्ट्रेचिंग का हाथ पकड़ लें. थोड़ी मेहनत लगेगी ठंज में सुबह-सुबह उठने में लेकिन यह आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. सर्दियों में कम एक्टिव रहने से माइग्रेन बढ़ सकता है. रोज सुबह हल्की एक्सरसाइज या योग करना शरीर में रक्त संचार सुधारता है और सिरदर्द को कम करता है. स्ट्रेचिंग से मांसपेशियों की कठोरता भी कम होती है.
नींद की कमी और अनियमित नींद माइग्रेन को ट्रिगर कर सकती है. रोजाना 7–8 घंटे की नींद लेना जरूरी है. सोने और जागने का समय नियमित रखें. पर्याप्त आराम सिरदर्द कम करने में मदद करता है.
तनाव और चिंता माइग्रेन को बढ़ाते हैं. मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग और संगीत जैसे उपाय अपनाएं. स्ट्रेस कम करने से सिरदर्द के एपिसोड कम होंगे और मानसिक शांति भी बनी रहेगी.
सर्दियों में ज्यादा मीठा या जंक फूड खाने से माइग्रेन बढ़ सकता है. विटामिन B, मैग्नीशियम और ओमेगा-3 युक्त आहार जैसे नट्स, मछली, हरी सब्जियां लाभकारी हैं. हल्का कैफीन माइग्रेन में राहत दे सकता है, लेकिन अधिक सेवन न करें.
Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.