सेना में सेवा देने के बाद नागरिक जीवन में रोजगार की तलाश कर रहे पूर्व अग्निवीरों के लिए दिल्ली से बड़ी खबर सामने आई है. दिल्ली प्रशासन ने ग्रुप-सी श्रेणी की सरकारी नौकरियों में उन्हें 20 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है. इस संबंध में उपराज्यपाल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए. इस पहल को प्रशिक्षित युवाओं को मुख्यधारा के रोजगार से जोड़ने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
नई व्यवस्था के तहत दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों में सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाने वाले ग्रुप-सी पदों पर पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ दिया जाएगा. इसमें पुलिस कांस्टेबल, फायरमैन, जेल वार्डर, फॉरेस्ट गार्ड और वाइल्डलाइफ गार्ड जैसे पद प्रमुख रूप से शामिल हैं. इसके अलावा अन्य पात्र पदों पर भी यह व्यवस्था लागू होगी. प्रशासन का मानना है कि सेना में मिले प्रशिक्षण और अनुशासन का लाभ इन विभागों को मिलेगा. इससे सुरक्षा और जनसेवा से जुड़े क्षेत्रों में दक्षता बढ़ने की संभावना है. साथ ही पूर्व सैनिकों को उनके अनुभव के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी.
Reviewed the strategy for extending reservation benefits to Ex-Agniveers across various Government departments and agencies in Delhi during a meeting with the Chief Secretary, @CPDelhi, and other senior officials. This important initiative is being implemented in accordance with… pic.twitter.com/UOLrcUNi7y
— LG Delhi (@LtGovDelhi) June 18, 2026
इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए उपराज्यपाल ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की. बैठक में मुख्य सचिव, दिल्ली पुलिस आयुक्त और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे भर्ती प्रक्रियाओं को इस नई व्यवस्था के अनुरूप तैयार करें. चर्चा के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि पूर्व अग्निवीरों की क्षमताओं का उपयोग केवल नियुक्ति तक सीमित न रहे, बल्कि उन्हें ऐसे दायित्व दिए जाएं जहां उनका प्रशिक्षण और अनुभव प्रशासनिक कार्यों को और प्रभावी बना सके. इससे सरकारी संस्थाओं की कार्यक्षमता में भी सुधार आने की उम्मीद जताई गई.
नीति को प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन करने का निर्देश दिया गया है. इसके लिए 30 जून की समयसीमा तय की गई है. अधिकारियों को कहा गया है कि वे प्रक्रियागत बदलावों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें ताकि आरक्षण व्यवस्था जल्द लागू हो सके. प्रशासन का उद्देश्य है कि नई भर्ती प्रक्रियाओं में किसी तरह की देरी न हो और पात्र उम्मीदवारों को समय पर इसका लाभ मिल सके. इस कदम को रोजगार नीति और प्रशासनिक सुधार दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
इस पहल की सबसे खास बात यह है कि इसका लाभ केवल दिल्ली के युवाओं तक सीमित नहीं रहेगा. देश के किसी भी हिस्से के पात्र पूर्व अग्निवीर दिल्ली सरकार की इन भर्तियों के लिए आवेदन कर सकेंगे. इससे सेना में सेवा दे चुके हजारों युवाओं को नई संभावनाएं मिलेंगी. प्रशासन का मानना है कि प्रशिक्षित और अनुशासित युवाओं की भागीदारी से सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी. साथ ही कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी मजबूती आएगी. इस फैसले को पूर्व अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित बनाने और उनकी सेवाओं को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.