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महिलाएं ही क्यों होती हैं Migraine की अधिक शिकार? जानिए क्या है इन दावों की सच्चाई

माइग्रेन केवल एक साधारण सिरदर्द नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल विकार है, जो व्यक्ति की दैनिक गतिविधियों को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है. शोध बताते हैं कि माइग्रेन पुरुषों की तुलना में महिलाओं में तीन गुना अधिक पाया जाता है. इसके पीछे कई जैविक, हार्मोनल और लाइफस्टाइल संबंधी कारण होते हैं. आइए विस्तार से जानते हैं कि महिलाओं को माइग्रेन ज्यादा क्यों होता है और इससे बचाव के तरीके क्या हैं.

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Edited By: Reepu Kumari
महिलाएं ही क्यों होती हैं Migraine की अधिक शिकार? जानिए क्या है इन दावों की सच्चाई
Courtesy: Pinterest

Migraine Causes: माइग्रेन एक सामान्य लेकिन गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जो महिलाओं में पुरुषों की तुलना में तीन गुना अधिक पाई जाती है. यह समस्या सिरदर्द, उल्टी, प्रकाश और ध्वनि के प्रति संवेदनशीलता जैसी परेशानियों का कारण बनती है.

आइए जानते हैं कि महिलाओं को माइग्रेन ज्यादा क्यों होता है और इसके पीछे क्या कारण हैं.

महिलाओं में माइग्रेन ज्यादा होने के कारण

हार्मोनल बदलाव

महिलाओं में माइग्रेन का एक प्रमुख कारण हार्मोनल असंतुलन है. मासिक धर्म, गर्भावस्था और मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के स्तर में उतार-चढ़ाव माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है.

तनाव और मानसिक दबाव

महिलाओं की जिम्मेदारियां घर और ऑफिस दोनों में अधिक होती हैं, जिससे उनमें तनाव और मानसिक दबाव बढ़ जाता है. यह माइग्रेन के प्रमुख कारणों में से एक है.

नींद की कमी

पर्याप्त नींद न लेना माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है. महिलाओं में नींद की गड़बड़ी, खासकर छोटे बच्चों वाली माताओं में, माइग्रेन के जोखिम को बढ़ा सकती है.

खान-पान की गलत आदतें

कैफीन, चॉकलेट, प्रोसेस्ड फूड, और अल्कोहल का अधिक सेवन माइग्रेन को बढ़ा सकता है. इसके अलावा, लंबी अवधि तक भूखा रहना भी माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है.

अनुवांशिक कारण

यदि परिवार में किसी को माइग्रेन की समस्या रही है, तो महिलाओं में इसके विकसित होने की संभावना अधिक होती है.

मौसम और पर्यावरणीय बदलाव

गर्मी, ठंड, उमस, और प्रदूषण जैसे बाहरी कारक भी महिलाओं में माइग्रेन को बढ़ा सकते हैं.

माइग्रेन से बचाव के उपाय

  • नियमित दिनचर्या का पालन करें और समय पर सोएं.
  • कैफीन और जंक फूड से बचें.
  • योग और ध्यान को अपनी दिनचर्या में शामिल करें.
  • ज्यादा पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें.
  • माइग्रेन ट्रिगर्स की पहचान करें और उनसे बचें.
  • डॉक्टर की सलाह पर आवश्यक दवाओं का सेवन करें.

महिलाओं में माइग्रेन की समस्या आम है, लेकिन सही देखभाल और सावधानियों से इसे नियंत्रित किया जा सकता है. यदि माइग्रेन बार-बार हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें.