Knee Pain in young age: आजकल कम उम्र में ही लोग घुटनों के दर्द से परेशान होने लगे हैं. खासकर 20 से 25 साल की उम्र के युवाओं में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है.पहले जहां यह परेशानी बुजुर्गों तक सीमित थी, वहीं अब युवा भी घुटनों में अकड़न, सूजन और चलने में दिक्कत जैसी शिकायतें करने लगे हैं.
घुटनों का दर्द सिर्फ बढ़ती उम्र का असर नहीं है, इसके पीछे कई और कारण छिपे होते हैं. अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह परेशानी भविष्य में गंभीर रूप ले सकती है. इसलिए जानना जरूरी है कि कम उम्र में घुटनों में दर्द आखिर क्यों होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है.
आजकल युवा घंटों कंप्यूटर या मोबाइल के सामने बैठे रहते हैं, जिससे उनकी शारीरिक एक्टिविटी काफी कम हो जाती है. इसके अलावा लंबे समय तक एक ही पोजिशन में बैठना, गलत तरीके से उठना-बैठना और एक्सरसाइज की कमी भी घुटनों पर असर डालती है. शरीर की मांसपेशियां कमजोर पड़ने लगती हैं, जिससे जोड़ों पर दबाव बढ़ता है और दर्द शुरू हो जाता है.
कम उम्र में ज्यादातर लोग जंक फूड और डाइटिंग का शिकार होते हैं. इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते, खासकर कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं. दूसरी ओर, अचानक वजन बढ़ने से भी घुटनों पर बोझ पड़ता है, जिससे वे जल्दी थक जाते हैं और दर्द करने लगते हैं.
अगर लगातार घुटनों में दर्द बना रहे, सूजन आए या चलते समय आवाज आने लगे, तो यह सिर्फ थकान नहीं बल्कि किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है. आर्थराइटिस, रूमेटॉइड आर्थराइटिस या ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियां युवाओं को भी प्रभावित कर सकती हैं.ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
नोट: यहां दी गई जानकारी अलग-अलर रिपोर्ट से ली गई हैं. इंडिया डेली इसकी पुष्टी नहीं करता है. कृप्या अपने डॉक्टर से सलाह जरुर लें.