menu-icon
India Daily

सावधान! अगर आपको भी हो रही ये समस्या तो तुरंत लें डॉक्टर की राय, हो सकते हैं हीट स्ट्रोक के संकेत

देश के कई हिस्सों में इस समय हीट वेव का कहर जारी है. ऐसे में हर व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जरूरत है. डॉक्टर की ओर से कुछ खास तरीका बताया गया है, जिसका ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
सावधान! अगर आपको भी हो रही ये समस्या तो तुरंत लें डॉक्टर की राय, हो सकते हैं हीट स्ट्रोक के संकेत
Courtesy: Pinterest

देश के कई हिस्सों में अभी हीट वेव का प्रकोप जारी है. तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. जिसके कारण हीट स्ट्रोक का खतरा और भी ज्यादा बढ़ गया है. डॉक्टर द्वारा लगातार हीट स्ट्रोक के लक्षण और उससे निपटने के तरीके के बारे में बताया जा रहा है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कुछ मामले ऐसे भी हैं, जिनमें हीट स्ट्रोक की वजह से लोगों की जान चली गई. इसी बीच इंस्टाग्राम पर डॉ आशुतोष तिवारी ने हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों के बारे में बताया और गर्मी से बचने के लिए कुछ खास सलाह भी दी है.

समय रहते चेतावनी की करें पहचान

डॉक्टर ने अपने वीडियो में बताया कि तापमान में बढ़ोतरी की वजह से हीट एग्जॉशन और गर्मी से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही है. उन्होंने बताया कि बेहोशी, सुस्ती, शरीर में दर्द, सिरदर्द, जी मिचलाना और उल्टी जैसे लक्षणों को शरीर पर पड़ रहे गंभीर 'हीट स्ट्रेस' के संकेत के रूप में समझा जा सकता है.

उन्होंने कहा कि अगर किसी भी मरीज के शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट से ज्यादा हो और दिल की धड़कन भी बहुत तेज हो तो यह चेतावनी होती है. अगर समय रहते उसका  इलाज नहीं किया गया तो हालत और भी ज्यादा बिगड़ सकती है. उन्होंने कहा कि हीट स्ट्रोक के मामले में सबसे जरूरी बात जिस पर ध्यान देना चाहिए, वह यह है कि क्या मरीज को पसीना आ रहा है या नहीं?

उनके अनुसार अगर कोई मरीज बेहोशी की हालत में चला जाता है या फिर उसे पसीना या पेशाब आना बंद हो जाता है, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि बीमारी बढ़कर गंभीर 'हीट स्ट्रोक' में बदल गई है. इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए, क्योंकि शरीर अब तापमान को ठीक से नियंत्रित नहीं कर पा रहा होता है.

ऐसे रखें ध्यान

उन्होंने कहा कि हीट स्ट्रोक के संदिग्ध मामले में सबसे पहला काम यह होना चाहिए कि मरीज को तुरंत किसी ठंडी जगह पर ले जाया जाए. मरीज के शरीर पर से ज्यादा कपड़े हटा देने चाहिए और ठंडे पानी की पट्टियां या ठंडी हवा देने जैसे तरीकों का इस्तेमाल करना चाहिए. साथ ही डॉक्टर ने यह साफ कहा है कि किसी भी मरीज के मुंह में जबरदस्ती किसी भी तरह का पदार्थ डालना सही नहीं होता है, इसलिए ऐसा न करें. डॉक्टर ने इस समस्या से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीने, दोपहर के समय तेज धूप से बचने और स्थिति बिगड़ने से पहले शुरुआती चेतावनी संकेतों को पहचानने की सलाह दी है.