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'मैं जिंदगी भर दर्द से तड़पती रही...' डॉक्टरों ने हाथ किए खड़े, बोले-ये 'भगवान की सजा' है, महिला की आपबीती सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे

कार्ला लुईस जिन्होंने अपनी एक कहानी सबके साथ साझा की है जिसमें उन्होंने बताया कि वह एक गंभीर बीमारी एंडोमेट्रियोसिस से जूझ रही थी और इस दौरान इनको असहनीय दर्द महसूस हुआ. कार्ला को संदेह होने लगा कि क्या वह सच में जीना चाहती हैं.

Priya singh
Edited By: Priya Singh
'मैं जिंदगी भर दर्द से तड़पती रही...' डॉक्टरों ने हाथ किए खड़े, बोले-ये 'भगवान की सजा' है, महिला की आपबीती सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे
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कार्ला लुईस जिन्होंने अपनी एक कहानी सबके साथ साझा की है जिसमें उन्होंने बताया कि वह एक गंभीर बीमारी एंडोमेट्रियोसिस से जूझ रही थी और इस दौरान इनको असहनीय दर्द महसूस हुआ. कार्ला को संदेह होने लगा कि क्या वह सच में जीना चाहती हैं. उन्होंने डॉक्टर को दिखाया तो डॉक्टर मदद करने के बजाय, उनके लक्षणों को नजरअंदाज करने लग गए और यहाँ तक कहा कि यह स्थिति 'भगवान की सजा' है.

लिवरपूल की 44 साल की कार्ला किशोरावस्था से ही अविश्वसनीय रूप से दर्दनाक चरण चार एंडोमेट्रियोसिस से जूझ रही है - लेकिन चिकित्सा पेशेवरों ने बार-बार उसे अनदेखा कर दिया. दर्द इतना ज्यादा था कि कार्ला को संदेह होने लगा कि क्या वह जीना चाहती है - और डॉक्टरों द्वारा गंभीरता से न लिए जाने से यह और भी बदतर हो गया. कार्ला याद करती हैं, '12 साल की उम्र में मेरे पीरियड्स शुरू हो गए थे और शुरू से ही यह दर्दनाक था.'

कार्ला लुईस ने शेयर की अपनी जर्नी

'मेरी हालत इतनी खराब हो जाती थी कि मैं पीई नहीं कर पाती थी, मुझे लगातार स्कूल से घर भेज दिया जाता था और मेरे शिक्षकों को लगता था कि मैं झूठ बोल रही हूं या दर्द को बढ़ा-चढ़ाकर बता रही हूं और अगर मैं घर नहीं जा पाती तो मैं बहुत समय अकेले में बिताती थी.' मुझे याद है कि मेरी डॉक्टर, जो महिला थीं, कहती थीं 'यह सामान्य है; महिलाओं को महीने के इस समय दर्द होता है. बस अच्छे विचार सोचें'. 'मुझे याद है कि मैं सोचती थी 'क्या तुम गंभीर हो?'

"लेकिन जैसे-जैसे यह चलता रहा, दर्द महीने के हर अलग-अलग समय पर होने लगा, न कि केवल तब जब मेरा पीरियड शुरू हो रहा था. तब मुझे एहसास हुआ कि यह गंभीर हो सकता है. जब मैं 18 साल की हुई तो मैं पब और क्लब में जाकर कार्यक्रम करती थी, कराओके नाइट्स चलाती थी और जीवन का आनंद लेती थी. लेकिन जब मैं 20 साल की हुई तो दर्द असहनीय हो गया और मुझे एक से अधिक बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ा.

'डॉक्टरों ने नहीं की मदद'

डॉक्टरों को यकीन था कि यह मेरे पेट की बीमारी है, IBS या अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसी कोई बीमारी है, लेकिन मुझे पता था कि ऐसा नहीं है और उन्होंने मेरी बात सुनने से इनकार कर दिया. 'मैं एक संगीतकार और गायिका थी, मुझे कार्यक्रम करना और प्रदर्शन करना पसंद था लेकिन एंडोमेट्रियोसिस ने मेरे लिए यह सब बर्बाद कर दिया. यह एक दीर्घकालिक स्थिति है जहां महिला के अस्तर के समान ऊतक अन्य स्थानों जैसे अंडाशय और फैलोपियन ट्यूब में भी विकसित होते हैं.

'मेरा जीवन बर्बाद हो गया'

आपके पास ऐसे महीने होंगे जब दर्द सहनीय होगा, लेकिन जब यह असहनीय होगा तो यह मेरे जीवन का सबसे बुरा समय होगा और इसने मुझे संदेह में डाल दिया कि क्या मैं आगे बढ़ना चाहती हूं, क्योंकि मेरे जीवन की गुणवत्ता इससे प्रभावित होने लगी थी.' इन सब के बाद कार्ला ने यूके के एक अच्छे से अस्पताल में अपना इलाज करवाया जिसके बाद उनको दर्द में थोड़ी राहत मिली. 

कार्ला को आखिरकार यू.के. की सबसे बड़ी निजी मेडिकल कैनबिस डिस्पेंसरी, रीलीफ के माध्यम से मदद मिली, जिससे उसके दर्द और चिंता दोनों में महत्वपूर्ण कमी आई - लेकिन सालों तक नौकरी से निकाले जाने के बाद उसका वजन बढ़ गया था. मैंने अपना जीवन उस चीज़ को बेहतर बनाने में बिताया है जिसे मैं अपना 'गिग फेस' कहती हूँ, जहाँ अगर मुझे मरने का भी मन करे, तो मैं आगे बढ़ती हूँ और जितना हो सके उतना अच्छा करती हूँ.