menu-icon
India Daily

'ब्रिक्स की गति और स्केल अद्भुत', ब्रिक्स बिजनेस फोरम में बोले पीएम मोदी

18वें ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम मोदी ने ब्रिक्स देशों की आर्थिक ताकत और भारत के विकास मॉडल को सराहा. उन्होंने कहा कि अनिश्चितताओं के बीच भारत वैश्विक विकास और स्थिरता का भरोसा देता है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'ब्रिक्स की गति और स्केल अद्भुत', ब्रिक्स बिजनेस फोरम में बोले पीएम मोदी
Courtesy: ANI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18वें ब्रिक्स सम्मेलन के तहत आयोजित 'ब्रिक्स बिजनेस फोरम' को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रिक्स देश आज वैश्विक नवाचार और समाधान के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं. उन्होंने बताया कि ब्रिक्स देश दुनिया की 50% आबादी, 40% जीडीपी और 25% से अधिक वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं. पिछले कुछ वर्षों में जहां दुनिया की जीडीपी ढाई गुना बढ़ी है, वहीं ब्रिक्स देशों की अर्थव्यवस्था साढ़े चार गुना की रफ्तार से बढ़ी है.

'लचीलापन और नवाचार' भारत की नीति का आधार

पीएम मोदी ने बताया कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम "रिझिलियंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी" है. उन्होंने कहा कि भारत ने बीते 12 वर्षों में इस मंत्र को अपनी आर्थिक और व्यापारिक नीतियों की नींव बनाया है. भारत ने ऊर्जा से लेकर तकनीक तक हर क्षेत्र में अपनी सप्लाई चेन को विविध और मजबूत बनाया है. आज वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में भी भारत दुनिया को आर्थिक विकास और स्थिरता का आश्वासन प्रदान करता है.

इन्फ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल क्रांति में भारत का दबदबा

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों और हवाई अड्डों का तेजी से विस्तार कर रहा है. साथ ही सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स और बायोटेक्नोलॉजी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में नई क्षमताएं हासिल कर रहा है. भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) वित्तीय समावेशन का बड़ा जरिया बना है. आज दुनिया के लगभग 50% रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन अकेले यूपीआई तकनीक के जरिए ही संपन्न होते हैं.

व्यापारिक बाधाओं को दूर करने की भारतीय पहल

दुनिया भर में बढ़ते व्यापारिक प्रतिबंधों के बीच भारत आर्थिक संबंधों के नए पुल बना रहा है. 2014 के बाद से भारत ने करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं. छोटे उद्योगों और स्टार्टअप्स को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए भारत ने ब्रिक्स प्रेसिडेंसी के तहत 'ब्रिक्स इनक्यूबेटर नेटवर्क', 'ब्रिक्स एमएसएमई पोर्टल' और 'ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड' जैसी व्यावहारिक पहलें शुरू की हैं.

ग्लोबल साउथ और समाधान-उन्मुख दृष्टिकोण

भारत की अध्यक्षता का मुख्य उद्देश्य ब्रिक्स को एक रचनात्मक और समाधान-उन्मुख मंच के रूप में मजबूत करना है. यह एजेंडा ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए टिकाऊ विकास और नवाचार को केंद्र में रखता है. पीएम मोदी ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम के सभी प्रतिनिधियों से निवेश, तकनीक और प्रतिभा के इस साझा तंत्र का पूरा लाभ उठाने का आह्वान किया.