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Zubeen Garg 1st Death Anniversary: जुबीन गर्ग की पहली पुण्यतिथि, सोनापुर मेमोरियल पर उमड़े फैंस, नम आंखों से दी श्रद्धांजलि

दिवंगत गायक जुबीन गर्ग के निधन को आज एक साल पूरा हो गया. इस मौके पर सोनपुर स्थित जुबीन क्षेत्र में सैकड़ों फैंस, कलाकार, परिवार के सदस्य और आसू के नेता जुटे. उन्होंने गायक को याद किया और उनकी याद में गाने गाए.

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Edited By: Antima Pal
Zubeen Garg 1st Death Anniversary: जुबीन गर्ग की पहली पुण्यतिथि, सोनापुर मेमोरियल पर उमड़े फैंस, नम आंखों से दी श्रद्धांजलि
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Zubeen Garg 1st Death Anniversary: असम के दिवंगत गायक जुबीन गर्ग के निधन को आज एक साल पूरा हो गया. इस मौके पर सोनपुर स्थित जुबीन क्षेत्र में सैकड़ों फैंस, कलाकार, परिवार के सदस्य और आसू के नेता जुटे. उन्होंने गायक को याद किया और उनकी याद में गाने गाए.

जुबीन गर्ग की पहली पुण्यतिथि

गुवाहाटी के बाहरी इलाके में बने अस्थाई स्मारक स्थल पर लोग सुबह से ही पहुंचने लगे. वहां जुबीन गर्ग के लोकप्रिय गाने गूंजते रहे. फैंस और कलाकारों ने उनकी संगीत यात्रा और समाज सेवा को याद किया. आसू के मुख्य सलाहकार डॉ. समुज्जल भट्टाचार्य ने कहा कि आज हम जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देने आए हैं. एक साल बीत चुका है उस अप्रत्याशित घटना को. जुबीन गर्ग को न्याय मिलना चाहिए.

आसू अध्यक्ष उत्पल शर्मा ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि आज वह दिन है जब जुबीन गर्ग हमें छोड़कर चले गए. उनकी रचनाएं पूरे असम में मनाई जाएंगी. आने वाली पीढ़ियों को पता होना चाहिए कि जुबीन गर्ग जैसे कलाकार थे जिन्होंने गैंडों के शिकार के खिलाफ बिहू मंचों को विरोध का स्थान बनाया.

जुबीन गर्ग का निधन 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में हुआ था. वे नॉर्थईस्ट इंडिया फेस्टिवल में परफॉर्म करने वाले थे। गायक, संगीतकार और संगीतकार के रूप में उन्होंने कई भाषाओं में हजारों गाने रिकॉर्ड किए. हिंदी फिल्म गैंगस्टर के गाने 'या अली' से वे पूरे देश में पहचाने गए. कंगना रनौत स्टारर इस फिल्म ने उन्हें असम के बाहर भी लोकप्रिय बना दिया.

अपने पूरे करियर में जुबीन गर्ग असमिया संगीत और संस्कृति से जुड़े रहे. उन्होंने पारंपरिक असमिया धुनों को आधुनिक संगीत से जोड़ा. नॉर्थईस्ट की आवाज के रूप में वे हमेशा याद किए जाएंगे. उनकी संगीत विरासत और मानवीय योगदान को लोग आज भी सलाम करते हैं.

सोनपुर के स्मारक स्थल पर जुटे लोगों ने न सिर्फ गाने गाए बल्कि न्याय की मांग भी दोहराई. पूरा माहौल भावुक था. फैंस कह रहे थे कि जुबीन गर्ग की आवाज हमेशा उनके दिलों में रहेगी. असम की संगीत दुनिया में उनका स्थान हमेशा विशेष रहेगा.