लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच बयानबाजी तेज हो गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र देने की बात दोहराई है. उन्होंने कहा कि नियुक्तियों की प्रक्रिया लगातार चल रही है और सरकार चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दे रही है.
19 सितंबर को उत्तर प्रदेश सरकार ने अलग-अलग विभागों में चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने का कार्यक्रम रखा. इनमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के 357 एक्स-रे टेक्नीशियन, आयुष विभाग के 404 अभ्यर्थी, कौशल विकास विभाग के 48 अनुदेशक और उद्योग विभाग के 9 सहायक सांख्यिकीय अधिकारी शामिल हैं. सरकार के अनुसार, नियुक्ति पत्र वितरण की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी.
मुख्यमंत्री योगी ने हाल में कहा था कि अगले छह महीने में प्रदेश के एक लाख युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य है. उनके अनुसार, अब तक करीब 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है. उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस, होमगार्ड और विभिन्न भर्ती आयोगों के जरिए आने वाले महीनों में बड़ी संख्या में नियुक्तियां हो सकती हैं. सरकार के अनुसार, अकेले पुलिस और होमगार्ड विभागों में बड़ी भर्ती प्रक्रिया चल रही है.
एक लाख सरकारी नौकरियों के ऐलान पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने समयसीमा को लेकर सवाल उठाया था. उन्होंने कहा था कि जनवरी के बाद चुनाव आचार संहिता लागू हो सकती है, ऐसे में सरकार छह महीने में एक लाख नियुक्तियां कैसे करेगी. यह बयान 30 अगस्त को सामने आया था. इस तरह विवाद मुख्य रूप से नियुक्तियों की संख्या और उन्हें तय समय में पूरा करने की प्रक्रिया को लेकर है.
मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि उनकी सरकार लगातार नियुक्ति पत्र दे रही है. उन्होंने पिछली सरकारों के दौरान भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप भी लगाए और कहा कि मौजूदा सरकार पारदर्शी तरीके से भर्ती करने पर जोर दे रही है. ये मुख्यमंत्री और सरकार के राजनीतिक दावे हैं.
सरकार के दावे के अनुसार आने वाले महीनों में पुलिस, होमगार्ड, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग और लोक सेवा आयोग से जुड़ी चयन प्रक्रियाओं में नियुक्तियां हो सकती हैं. अभ्यर्थियों के लिए वास्तविक स्थिति जानने का सबसे महत्वपूर्ण आधार आधिकारिक भर्ती विज्ञापन, परीक्षा परिणाम, चयन सूची और नियुक्ति पत्र होंगे. एक लाख का आंकड़ा पूरा होने की स्थिति भी इन्हीं आधिकारिक नियुक्तियों के आधार पर स्पष्ट होगी.