भारत में 2025 का फिल्म इंडस्ट्री का साल कई उतार चढ़ाव से भरा रहा. कभी छोटे बजट की फिल्मों ने चौंकाया तो कभी बड़े सितारों की फिल्मों ने उम्मीद से कम प्रदर्शन किया. दर्शकों की पसंद लगातार बदल रही है और इसी बीच मुनाफ़े के आधार पर जारी हुई टॉप 10 फिल्मों की लिस्ट ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है.
इस साल कम बजट वाली फिल्मों ने सबसे मजबूत पकड़ बनाई. वहीं विक्की कौशल की पीरियड ड्रामा छावा, जो शुरुआती दिनों में टॉप 5 में थी, अब टॉप 10 में अपनी जगह बचाने के लिए संघर्ष कर रही है.
कन्नड़ फिल्म सु एंड सो ने पूरे इंडस्ट्री को हैरान कर दिया. सिर्फ 4.5 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 92.33 करोड़ का कलेक्शन करते हुए जबरदस्त 1951 प्रतिशत मुनाफा कमाया. यह 2025 की सबसे ज़्यादा मुनाफ़ा कमाने वाली इंडियन फिल्म बन गई. हिंदी फिल्म महावतार नरसिम्हा ने अपनी रिलीज़ के बाद बंपर कलेक्शन दर्ज किया. इस फिल्म ने 247.96 करोड़ की कमाई कर 1553 प्रतिशत मुनाफ़ा कमाया. यह 2025 की दूसरी सबसे सफल फ़िल्म बनकर उभरी.
लिटिल हार्ट्स ने रचा इतिहास
इस फिल्म ने सिर्फ 2 करोड़ में 26 करोड़ की कमाई थी. तेलुगु फिल्म लिटिल हार्ट्स ने साबित किया कि अच्छी कहानी हमेशा दर्शकों को थिएटर तक खींच लाती है. यह 1223 प्रतिशत मुनाफे के साथ टॉप 3 में बनी रही.
सैयारा ने बॉलीवुड को बचाया
45 करोड़ की फिल्म ने 337 करोड़ की कमाई की. रोमांटिक ड्रामा सैयारा ने बॉलीवुड की लाज रखी. साल की बड़ी हिंदी मुनाफ़ेदार फिल्मों में इसका नाम प्रमुख रहा.
टॉप 5 से गिरते गिरते पहुंची 9वें स्थान पर पहुंची विक्की कौशल की छावा. फरवरी में रिलीज़ हुई छावा ने शुरुआत में शानदार प्रदर्शन किया. लेकिन क्षेत्रीय फिल्मों की ताबड़तोड़ कमाई के सामने इसकी पकड़ कमजोर पड़ने लगी.
छावा का बजट 130 करोड़ का था और लाइफटाइम कमाई 615.39 करोड़ है. इससे साफ है कि फिल्म का अबतक का मुनाफा 373.37 प्रतिशत है. छावा अब 9वें स्थान पर पहुंच चुकी है और टॉप 10 से बाहर होने का खतरा भी सामने है.
कंटारा चैप्टर 1, बू बुट्टू भूटा, लोका चैप्टर 1 ने साल 2025 में शानदार प्रदर्शन किया है. इस साल क्षेत्रीय सिनेमा ने बॉक्स ऑफिस पर राज किया. कंटारा चैप्टर 1, जिसने 592 करोड़ की कमाई की, अब तक की सबसे ज़्यादा देखी जाने वाली भारतीय फिल्मों में शामिल हो चुकी है. ओडिया फिल्म बू बुट्टू भूटा, मलयालम फिल्म लोका चैप्टर 1 और गुजराती फिल्म उम्बारो जैसी फिल्मों ने साबित किया कि कंटेंट ही असली राजा है.
जहां छोटी फिल्में बड़ी कमाई कर रही थीं, वहीं सिकंदर और L2 एम्पुरान जैसी स्टार स्टडेड फिल्मों ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया. इससे बॉलीवुड की पकड़ कमजोर होती दिखी.