यूनिवर्सिटी ऑफ बाथ में इकोनॉमिक्स पढ़ रहीं अनुप्रिया नागर की कहानी आम फिल्म प्रोड्यूसर से काफी अलग है. एक असाइनमेंट के दौरान स्टीव जॉब्स और नीम करौली बाबा के कनेक्शन ने उनकी दिलचस्पी बढ़ाई. करीब एक साल की रिसर्च के बाद यही विषय फिल्म ‘हनुमान अंश’ की कहानी में बदल गया.
अनुप्रिया नागर का फिल्ममेकिंग सफर किसी फिल्म स्कूल या बड़े प्रोडक्शन हाउस से नहीं, बल्कि इकोनॉमिक्स के एक यूनिवर्सिटी प्रोजेक्ट से शुरू हुआ. इन्वेस्टमेंट और बैंकिंग से जुड़े एक मॉड्यूल में उन्होंने स्टीव जॉब्स पर रिसर्च की. इसी दौरान उन्हें नीम करौली बाबा और जॉब्स के भारत दौरे से जुड़ी जानकारी मिली. इसके बाद उन्होंने बाबा के जीवन और उनके प्रभाव को समझने के लिए गहराई से काम किया. उनकी टीम ने करीब एक साल तक रिसर्च की, कई जगहों का दौरा किया और उन लोगों से बातचीत की, जो बाबा को जानते थे.
‘हनुमान अंश’ 7 अगस्त को भारत में रिलीज हुई थी और पहले दिन इसकी कमाई करीब 10 लाख रुपये रही. शुरुआती दो हफ्तों में फिल्म की रफ्तार धीमी थी लेकिन तीसरे हफ्ते से कहानी बदल गई. 27वें दिन तक फिल्म का नेट कलेक्शन 61.38 करोड़ रुपये और ग्रॉस कलेक्शन 72.32 करोड़ रुपये बताया गया. फिल्म की लागत करीब 2 करोड़ रुपये बताई गई है. हालांकि ग्रॉस कलेक्शन को सीधे प्रोड्यूसर का मुनाफा नहीं माना जा सकता, कमाई का हिस्सा थिएटर, डिस्ट्रीब्यूटर और प्रोड्यूसर के बीच बंटता है.
अनुप्रिया नागर सोशल मीडिया पर खुद को इकोनॉमिस्ट, आर्टिस्ट और फिल्म प्रोड्यूसर बताती हैं. कला में उनकी रुचि बचपन से रही है और 12 साल की उम्र में उन्होंने अपनी कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगानी शुरू कर दी थी. यूनिवर्सिटी में भी वह आर्ट, डांस और बिजनेस से जुड़ी सोसायटियों का हिस्सा रहीं. ‘हनुमान अंश’ का निर्माण स्वंभू मीडिया नेटवर्क के बैनर तले हुआ है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इसके प्रोड्यूसर्स में अनुप्रिया नागर, रागिनी एस, नम्रता जी सिंह और निर्देशक विशाल चतुर्वेदी शामिल हैं.