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India Daily

सेंसर विवाद में फंसी 'जन नायकन' की रिलीज अटकी, और बढ़ा आखिरी बार 'थलापति' विजय को बड़े पर्दे पर देखने का इंतजार

थलपति विजय की विदाई फिल्म 'जन नायकन' की रिलीज सेंसर बोर्ड विवाद और कानूनी पेचीदगियों के कारण अब 30 अप्रैल तक टल गई है. निर्माता कंपनी केवीएन प्रोडक्शंस ने अब दर्शकों को एडवांस बुकिंग का पैसा वापस करने का आग्रह किया है.

Kanhaiya Kumar Jha
सेंसर विवाद में फंसी 'जन नायकन' की रिलीज अटकी, और बढ़ा आखिरी बार 'थलापति' विजय को बड़े पर्दे पर देखने का इंतजार
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: थलपति विजय के प्रशंसकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. उनकी मच-अवेटेड फिल्म 'जन नायकन' अब कानूनी अड़चनों और सेंसर बोर्ड की देरी के कारण 20 फरवरी को रिलीज नहीं हो पाएगी. रिवाइजिंग कमेटी के हस्तक्षेप के बाद निर्माताओं ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि यह फिल्म अब 30 अप्रैल से पहले सिनेमाघरों में नहीं आएगी. इस बड़ी देरी का असर न केवल फिल्म के व्यापार पर बल्कि तमिलनाडु के आगामी विधानसभा चुनावों की राजनीतिक सरगर्मी पर भी पड़ेगा. 

'जन नायकन' का विवाद 18 दिसंबर, 2025 को शुरू हुआ जब इसे प्रमाणन के लिए भेजा गया. जांच समिति ने कुछ कटौती का सुझाव दिया, जिसे निर्माताओं ने स्वीकार कर लिया. फिल्म को 'यूए' प्रमाण पत्र मिलने की उम्मीद थी, लेकिन कुछ दृश्यों के चित्रण पर शिकायत के बाद इसे रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया गया. बोर्ड की इस सख्त कार्यवाही ने फिल्म की रिलीज का पूरा ढांचा (Frame) हिला दिया है और प्रशंसकों के बीच भारी अनिश्चितता पैदा की है.

कानूनी लड़ाई और यू-टर्न 

रिलीज में हो रही देरी को देखते हुए 'केवीएन प्रोडक्शंस' ने मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर कर जल्द प्रमाण पत्र की मांग की थी. हालांकि, बाद में निर्माताओं ने अपनी याचिका वापस ले ली. निर्माताओं का यह कदम काफी संदिग्ध नजर आ रहा है. सेंसर बोर्ड फिलहाल फिल्म के दृश्यों का पुनर्मूल्यांकन कर रहा है, जिसके कारण रिलीज तारीख को अब बढ़ाकर अप्रैल के अंत में कर दिया गया है. यह कानूनी खींचतान और सेंसर प्रमाण पत्र की देरी फिल्म के भविष्य के लिए चिंता का विषय है. 

टिकटों का रिफंड और वितरक 

फिल्म की अनिश्चितता को देखते हुए कनाडा के वितरक 'यॉर्क सिनेमाज' ने बुकिंग रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वितरकों ने एक आधिकारिक नोटिस जारी कर कहा है कि जिन लोगों ने एडवांस बुकिंग की थी, उन्हें उनका पूरा पैसा वापस दिया जा रहा है. नई तारीख तय होने पर पुराने सदस्यों को बुकिंग में प्राथमिकता दी जाएगी. निर्माताओं ने भी वैश्विक स्तर पर दर्शकों से रिफंड के लिए आग्रह किया है, जो फिल्म के वित्तीय प्रभार और प्रतिष्ठा पर एक बड़ा प्रहार साबित हो सकता है. 

चुनाव और भविष्य की चुनौतियां 

फिल्म की रिलीज अब तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के समय होने की उम्मीद है. अप्रैल और मई के बीच होने वाले इन चुनावों के कारण फिल्म के प्रचार पर गहरा असर पड़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि विजय की आखिरी फिल्म होने के नाते इसके साथ कई राजनीतिक भावनाएं जुड़ी हुई हैं. इस देरी के कारण फिल्म को चुनावों के शोर के बीच अपनी जगह बनानी होगी, जो बॉक्स ऑफिस के लिए एक कठिन परीक्षा साबित हो सकता है. चुनाव परिणाम भी फिल्म के प्रदर्शन को प्रभावित करेंगे. 

कलाकारों का बड़ा जमघट 

निर्देशक एच. विनोद की इस फिल्म में सितारों की एक लंबी फौज शामिल है. पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, ममिता बैजू और गौतम वासुदेव मेनन जैसे बड़े कलाकार इस फिल्म में नजर आने वाले हैं. विजय की विदाई फिल्म होने के कारण इसे लेकर जबरदस्त उत्साह था, लेकिन सेंसर बोर्ड की कैंची और कानूनी प्रक्रियाओं ने फिलहाल सब कुछ रोक दिया है. प्रशंसक अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि क्या यह फिल्म अपनी रिलीज के साथ बॉक्स ऑफिस पर एक सफल निर्णय लिख पाएगी.