कृति सेनन और धनुष की मोस्ट अवेटेड फिल्म तेरे इश्क में शुक्रवार 28 नवंबर को रिलीज हुई है. यह फिल्म विजय वर्मा और फातिमा सना शेख की गुस्ताख इश्क से सीधे क्लैश हुई थी. जहां सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर फैंस के खराब रिएक्शन देखने को मिले, वहीं बॉक्स ऑफिस पर इसके आंकड़े बिल्कुल उलट कहानी सुना रहे हैं. फिल्म ने पहले दिन सोलह करोड़ की मजबूत ओपनिंग दर्ज की है जो इसे 2025 की दूसरी सबसे बड़ी रोमांटिक ओपनर बनाती है.
तेरे इश्क में ने ओपनिंग डे पर 16 करोड़ कमाए. यह आंकड़ा इसलिए खास है क्योंकि इससे पहले 2025 में किसी रोमांटिक फिल्म ने इतनी बड़ी ओपनिंग नहीं की थी. केवल अहान पांडे की सैयारा ही इससे ऊपर रही जिसने इक्कीस दशमलव पांच करोड़ की ओपनिंग ली थी.
फिल्म ने अपने रिलीज के दिन हिंदी भाषा में कुल पच्चीस दशमलव सत्तर सात प्रतिशत की ऑक्यूपेंसी दर्ज की. सुबह के शो में यह संख्या पंद्रह दशमलव उनतीस प्रतिशत, दोपहर में इक्कीस दशमलव सड़सठ प्रतिशत, शाम के शो में चौबीस दशमलव पचपन प्रतिशत और रात के शो में इकतालीस दशमलव छप्पन प्रतिशत रही. दिलचस्प बात यह भी है कि तेरे इश्क में ने जॉली एलएलबी तीन और सितारे जमीन पर जैसी फिल्मों को भी ओपनिंग के मामले में पीछे छोड़ दिया है.
तेरे इश्क में के रिव्यू सोशल मीडिया पर बेहद मिलेजुले रहे. कई दर्शकों ने इसे टॉक्सिक बताया और कहा कि इसका सेकंड हाफ कहानी से भटक जाता है. कुछ ने मजाक में लिखा कि फिल्म दिल्ली के ए क्यू आई से भी ज्यादा टॉक्सिक है.
लेकिन स्क्रीन पर धनुष की मौजूदगी ने फैंस को थिएटर तक खींचा. यह फिल्म पूरी तरह धनुष केंद्रित कही जा सकती है. उनके फैंस के मुताबिक फिल्म उनके अंदाज का पूरा स्वाद देती है. कृति सेनन ने भी मजबूत अभिनय करने की कोशिश की लेकिन कहानी की कमियां उनके प्रदर्शन को ढक देती हैं.
फिल्म में प्रकाश राज भी नजर आए लेकिन उनका किरदार दर्शकों पर खास असर नहीं डाल पाया. कई समीक्षकों का मानना है कि कहानी में सिनेमैटिक लिबर्टी के नाम पर कई अविश्वसनीय दृश्य दिखाए गए हैं जो फिल्म की गहराई को कमजोर करते हैं.
आनंद एल राय वह निर्देशक हैं जो सामान्य जीवन की कहानी को भावनात्मक अंदाज में पेश करने के लिए जाने जाते हैं. लेकिन इस बार वे दर्शकों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए. कई समीक्षकों ने कहा कि फिल्म का निर्देशन कमजोर है और यह दर्शकों की समझ और सब्र दोनों की परीक्षा लेता है. तेरे इश्क में को 2013 की सुपरहिट रांझणा का स्पिरिचुअल सीक्वल बताया गया था. लेकिन रांझणा की संवेदनशीलता और गहराई को यह फिल्म छू भी नहीं पाती.