मुंबई: सनी देओल की बॉर्डर 2 साल 2026 की सबसे ज्यादा इंतजार की जा रही फिल्मों में गिनी जा रही है. 23 जनवरी को यह फिल्म दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. सनी देओल की इस फिल्म को 2026 की पहली बड़ी थिएटर रिलीज माना जा रहा है. सोशल मीडिया पर फिल्म से जुड़े वीडियो और पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे हैं. इससे साफ है कि दर्शकों में फिल्म को लेकर जबरदस्त उत्साह है.
फिल्म की रिलीज से एक दिन पहले बॉर्डर 2 को बड़ा झटका लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक 6 इस्लामिक देशों में इस फिल्म को रिलीज की अनुमति नहीं मिली है. बहरीन कुवैत, ओमान कतर, सऊदी अरब और यूएई में फिल्म अब तक पास नहीं हो पाई है. इस खबर से ओवरसीज ट्रेड जरूर निराश हुआ है लेकिन मेकर्स ज्यादा परेशान नजर नहीं आ रहे हैं.
इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के अनुसार इन देशों में उन फिल्मों को रिलीज की इजाजत नहीं दी जाती जिन्हें एंटी पाकिस्तान समझा जाता है. बॉर्डर 2 की कहानी देशभक्ति और सीमा से जुड़े विषय पर आधारित है. इसी वजह से सेंसर स्तर पर फिल्म को मंजूरी मिलना मुश्किल हो गया है. मेकर्स ने आखिरी समय तक कोशिश की लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया.
यह पहली बार नहीं है जब किसी भारतीय फिल्म को इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा हो. इससे पहले आदित्य धर की फिल्म धुरंधर को भी इन्हीं देशों में रिलीज की अनुमति नहीं मिली थी. उस समय भी फिल्म को लेकर काफी विवाद हुआ था. इसके बावजूद धुरंधर भारत और अन्य बाजारों में बड़ी हिट साबित हुई थी.
गल्फ देशों का मार्केट भारतीय फिल्मों के लिए बेहद जरूरी माना जाता है. खासकर एक्शन और देशभक्ति फिल्मों को वहां अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है. फिर भी मेकर्स का मानना है कि अगर फिल्म भारत में मजबूत प्रदर्शन करती है तो बाकी देशों की कमाई इस कमी की भरपाई कर सकती है. इसलिए गल्फ मार्केट से बाहर रहना उनके लिए बहुत बड़ी चिंता नहीं बन रहा है.
बॉर्डर 2 के मेकर्स को फिल्म की कहानी और भावनात्मक जुड़ाव पर पूरा भरोसा है. उनका मानना है कि अगर दर्शक फिल्म से जुड़ गए तो कमाई के आंकड़े अपने आप बोलेंगे. सनी देओल की देशभक्ति से जुड़ी फिल्मों का रिकॉर्ड पहले से ही मजबूत रहा है. यही वजह है कि टीम पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रही है.