नई दिल्ली: आज बसंत पंचमी है. आज का दिन मां सरस्वती को समर्पित है. मां सरस्वती ज्ञान, बुद्धि, संगीत और कला की देवी हैं. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, माघ महीने के पांचवे दिन यह त्यौहार मनाया जाता है. सरस्वती पूजा का मुहुर्त क्या है, इस दिन पूजा कैसे की जाती है और आज की प्रचलित परंपराएं क्या हैं, चलिए जानते हैं.
सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त: आज सरस्वती पूजा का शुभ मुहुर्त सुबह 7:13 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक है. इश दौरान मां की पूजा करने से लाभ प्राप्त होगा. यह त्योहार ऋतुराज वसंत के आने का संकेत है. इस दिन ज्ञान, बुद्धि और विवेक की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है. पूजा कैसे करनी है, चलिए जानते हैं यहां.
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें.
इसके बाद पीले या सफेद रंग के कपड़े पहनें.
छात्र मां सरस्वती को फूल चढ़ाएं. आज का उपवास भी कर सकते हैं.
घर को गेंदे के फूलों से सजाएं.
चावल के आटे और पानी से रंगोली बनाएं.
पूजा खत्म होने के बाद, परिवार और पड़ोसियों में मिठाइयां और फल बांटें.
इस दिन पीले रंग के कपड़े पहनने जाते हैं.
आज के दिन बूंदी के लड्डू बनाए और खाए जाते हैं.
उत्तर भारत के कई इलाकों में पतंग उड़ाई जाती है.
बंगाल, ओडिशा और असम में सरस्वती पूजा बहुत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाती है.
पूजा के दौरान पीले, सफेद या चमकीले रंग के कपड़े पहनना बेहद ही शुभू माना जाता है. इस दिन काले और लाल कपड़े पहनने से बचना चाहिए. पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ मुंह करना अच्छा होता है. बता दें कि सूर्योदय से 2.5 घंटे पहले या सूर्यास्त से 2.5 घंटे पहले का समय पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है.
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।
सा माम् पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
शुक्लाम् ब्रह्मविचार सार परमाम् आद्यां जगद्व्यापिनीम्।
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्॥
हस्ते स्फटिकमालिकाम् विदधतीम् पद्मासने संस्थिताम्।
वन्दे ताम् परमेश्वरीम् भगवतीम् बुद्धिप्रदाम् शारदाम्॥