Shreyas Talpade News: सुप्रीम कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता श्रेयस तलपड़े को हरियाणा के सोनीपत में ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी से जुड़े एक धोखाधड़ी और विश्वासघात के मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी है. जस्टिस बीवी नागरथना और केवी विश्वनाथन की बेंच ने श्रेयस की याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा पुलिस से जवाब मांगा है, जिसमें उन्होंने इस मामले में दर्ज एफआईआर को चुनौती दी थी. यह मामला एक मल्टी-लेवल मार्केटिंग घोटाले से जुड़ा है, जिसमें श्रेयस का नाम शामिल है.
श्रेयस तलपड़े को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत
यह विवाद तब शुरू हुआ जब सोनीपत के निवासी विपुल अंतिल ने ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के खिलाफ शिकायत दर्ज की. यह सोसाइटी 2016 से हरियाणा सहित कई राज्यों में सक्रिय थी और निवेशकों को फिक्स्ड डिपॉजिट और रिकरिंग डिपॉजिट योजनाओं में उच्च रिटर्न का लालच देती थी. शिकायत के अनुसार सोसाइटी ने मल्टी-लेवल मार्केटिंग मॉडल का इस्तेमाल कर निवेशकों को आकर्षित किया और बाद में उनके पैसे लौटाने में विफल रही. 2023 में निवेशकों को भुगतान में देरी शुरू हुई और फिर सोसाइटी के मालिकों ने संपर्क तोड़ लिया.
श्रेयस तलपड़े और अभिनेता आलोक नाथ इस सोसाइटी के ब्रांड एंबेसडर थे. शिकायतकर्ता का दावा है कि इन हस्तियों के प्रचार के कारण लोग निवेश के लिए आकर्षित हुए. इस मामले में 13 लोगों के खिलाफ 22 जनवरी को मुरथल पुलिस स्टेशन में भादंसं की धारा 316(2), 318(2) और 318(4) के तहत धोखाधड़ी, विश्वासघात और संपत्ति के कपटपूर्ण हस्तांतरण का केस दर्ज किया गया था.
जांच अभी जारी
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से श्रेयस को फिलहाल राहत मिली है, लेकिन जांच अभी जारी है. मुरथल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजीत सिंह ने कहा कि सोसाइटी की धोखाधड़ी की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जाएगा कि श्रेयस और अन्य आरोपियों की क्या भूमिका थी. इस बीच श्रेयस ने इस मामले पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है. श्रेयस तलपड़े हाल ही में कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' में नजर आए थे, जो 1975-77 के आपातकाल पर आधारित है. यह मामला बॉलीवुड में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि यह सेलिब्रिटी की जिम्मेदारी और निवेश योजनाओं के प्रचार पर सवाल उठाता है.