'डिलीवरी के समय पेट की 7 परतें कटीं, 1 लीटर खून बहा...', सी-सेक्शन को लेकर टीवी की इस बहू का छलका दर्द
रुबीना दिलैक ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलकर अपनी मां बनने की कहानी शेयर की. उन्होंने बताया- 'पेट की सात परतें कटती हैं. बच्चे को बाहर निकालने में तो सिर्फ 10 मिनट लगते हैं, लेकिन पेट की उन सातों परतों को फिर से स्टिच करने में पूरे 45 मिनट का समय लग जाता है. इस दौरान महिला के शरीर से 1 से 1.5 लीटर तक खून बह जाता है.'
मुंबई: टीवी की मशहूर अभिनेत्री रुबीना दिलैक एक बार फिर अपनी बेबाकी के लिए सुर्खियों में हैं. नवंबर 2023 में एक साथ दो बेटियों की मां बनी रुबीना ने अब अपनी सी-सेक्शन डिलीवरी का पूरा दर्द बयां किया है. रुबीना ने कहा कि लोग सी-सेक्शन को मामूली सर्जरी समझते हैं, जबकि ये बेहद क्रिटिकल और दर्द भरा अनुभव होता है.
सी-सेक्शन को लेकर रुबीना दिलैक का छलका दर्द
रुबीना दिलैक ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलकर अपनी मां बनने की कहानी शेयर की. उन्होंने बताया- 'पेट की सात परतें कटती हैं. बच्चे को बाहर निकालने में तो सिर्फ 10 मिनट लगते हैं, लेकिन पेट की उन सातों परतों को फिर से स्टिच करने में पूरे 45 मिनट का समय लग जाता है. इस दौरान महिला के शरीर से 1 से 1.5 लीटर तक खून बह जाता है.'
रुबीना ने कहा कि डिलीवरी के बाद उनका शरीर काफी कमजोर हो गया था. दो बच्चों को जन्म देने की खुशी के साथ-साथ दर्द भी बहुत था. लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और मातृत्व की इस चुनौती को मुस्कुराते हुए स्वीकार किया.
दो बेटियों की खुशी
रुबीना और उनके पति अभिनव शुक्ला को नवंबर 2023 में जुड़वां बेटियां हुई थीं. दोनों बेटियों के जन्म ने पूरे देश के फैंस को खुशी दी थी. रुबीना पहले भी अपनी प्रेग्नेंसी जर्नी सोशल मीडिया पर शेयर करती रहीं थीं. लेकिन अब डिलीवरी के बाद पहली बार उन्होंने इस सर्जरी के दर्द के बारे में विस्तार से बात की है.
रुबीना ने कहा- 'सी-सेक्शन कोई छोटी-मोटी सर्जरी नहीं होती. इसमें महिला का पूरा शरीर प्रभावित होता है. रिकवरी में भी काफी समय लगता है.' उन्होंने मां बनने वाली हर महिला का सम्मान करते हुए कहा कि चाहे नॉर्मल डिलीवरी हो या सी-सेक्शन, दोनों ही तरीके में मां बहुत दर्द सहती हैं.
बिंदास अंदाज में खुलकर बोलीं रुबीना
लोकप्रिय धारावाहिकों से मशहूर रुबीना दिलैक हमेशा से अपनी बात साफ-साफ कहने के लिए जानी जाती हैं. चाहे पर्सनल लाइफ हो या प्रोफेशनल, वे कभी पीछे नहीं हटतीं. अपनी डिलीवरी की कहानी शेयर करके उन्होंने उन हजारों महिलाओं को आवाज दी है, जो सी-सेक्शन के बाद भी समाज में 'आसान डिलीवरी' वाली टिप्पणियां सुनती हैं.