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एक्ट्रेस को परेशान करता था नामी बिजनेसमैन, अब सलाखों के पीछे पहुंचा रईशजादा

कोच्चि की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने गुरुवार को व्यवसायी बॉबी चेम्मनूर को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. उन पर मलयालम अभिनेता 'हनी रोज' के बारे में कथित अश्लील टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था. 

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Edited By: Garima Singh
एक्ट्रेस को परेशान करता था नामी बिजनेसमैन, अब सलाखों के पीछे पहुंचा रईशजादा
Courtesy: X

Honey rose : कोच्चि की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने गुरुवार को व्यवसायी बॉबी चेम्मनूर को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. उन पर मलयालम अभिनेता 'हनी रोज' के बारे में कथित अश्लील टिप्पणी करने का आरोप था. 

चेम्मनूर को बुधवार को वायनाड से हिरासत में लिए जाने के कुछ घंटों बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया था. कोच्चि की केंद्रीय पुलिस ने चेम्मनूर पर बीएनएस की धारा 75 (4) (यौन उत्पीड़न) और आईटी अधिनियम की धारा 67 (इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करना) के तहत मामला दर्ज किया था. 

क्या है मामला?

हनी रोज मलयालम फिल्म इंडस्ट्री की जानीमानी एक्ट्रेस हैं. एक्ट्रेस ने नामी बिजनेसमैन बॉबी चेम्मनूर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. हनी ने पुलिस में शिकायत के आधार पर बॉबी को पकड़ लिया गया. हनीरोज ने आरोप लगाया कि बॉबी ने सोशल मीडिया ओर उनके साथ लगातार अश्लील और अपमानजनक टिप्पणी की थी. पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम बनाई थी. .गौरतलब है की रोज़ ने पहले ही 30 लोगों के नाम बताए हैं जिन्होंने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कथित लैंगिकवादी टिप्पणियां की थी. 

कानूनी कार्रवाई करने का निर्णय

मंगलवार को रोज़ ने चेम्मनुर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की और ज्वेलरी चेन के मालिक को पकड़ने के लिए एक टीम वायनाड भेजी. इसके अलावा, पुलिस अभिनेत्री को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 183 के तहत अपना बयान दर्ज करने के लिए मजिस्ट्रेट कोर्ट ले गई. 

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से लगाई गुहार 

रोज़ ने कहा कि कानूनी कार्रवाई करने का फ़ैसला परिवार के सदस्यों और शुभचिंतकों से सलाह-मशविरा करने के बाद लिया गया. उन्होंने इस मामले पर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से भी बात की, जिन्होंने शिकायत पर कड़ी कार्रवाई का वादा किया. उन्होंने कहा, 'मैं राज्य सरकार, मुख्यमंत्री और केरल पुलिस को धन्यवाद देती हूं.' उन्होंने कहा, 'इस आधुनिक समय में किसी व्यक्ति को मारने के लिए बंदूक या चाकू की ज़रूरत नहीं है. सोशल मीडिया प्रोफाइल और योजनाबद्ध अभियान के ज़रिए क्रूर और जघन्य हमले ही काफ़ी होंगे. अगर सोशल मीडिया पर गुंडागर्दी का नेतृत्व होगा, तो हमला ज़्यादा तेज़ होगा.'