मुंबई: फिल्मी दुनिया में चमकती सफलता के पीछे अक्सर संघर्ष और चुनौतियों की लंबी कहानी छिपी होती है. कई कलाकार ऐसे रहे हैं जिन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में ऐसे हालात का सामना किया जिनके बारे में खुलकर बात करना आसान नहीं होता. अब एक्ट्रेस और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर मुस्कान वार्ष्णेय ने भी अपने जीवन का एक ऐसा अनुभव साझा किया है जिसने लोगों को हैरान कर दिया है. इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म 'जीना दिल से' को लेकर चर्चा में बनी मुस्कान वार्ष्णेय को दर्शकों से भरपूर प्यार मिल रहा है. अपने एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने शुरुआती दिनों की कई यादें साझा कीं और बताया कि कैसे उन्हें एक ऑडिशन के दौरान उन्हें किन किन चीजों का सामना करना पड़ा था.
इंटरव्यू के दौरान जब उनसे कास्टिंग काउच को लेकर सवाल किया गया तो एक्ट्रेस ने खुलकर बात की. मुस्कान ने कहा कि वह खुद को इस मामले में काफी भाग्यशाली मानती हैं क्योंकि किसी ने भी उनसे सीधे तौर पर गलत या अपमानजनक बात करने की हिम्मत नहीं की. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनकी दबंग छवि देखकर लोग समझ जाते थे कि उन्हें आसानी से बहकाया नहीं जा सकता.
मुस्कान ने बताया कि जब वह केवल 16 साल की थीं तब म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े एक जाने माने व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया था. उस समय वह नाबालिग थीं और अपने करियर की शुरुआत कर रही थीं. उस व्यक्ति ने उन्हें म्यूजिक वीडियो में काम करने का प्रस्ताव दिया. एक उभरते कलाकार के लिए यह अवसर काफी बड़ा माना जा सकता था. मुस्कान को लगा कि यह उनके करियर के लिए एक अच्छा मौका साबित हो सकता है.
मुस्कान ने बताया कि उन्हें कहा गया कि लंबी दूरी तय कर ऑडिशन देने आने की जरूरत नहीं है. इसके बजाय वीडियो कॉल के जरिए ही ऑडिशन लिया जाएगा. शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था. उन्हें ट्रेडिशनल कपड़े पहनकर कैमरे के सामने आने के लिए कहा गया. साड़ी पहनकर वीडियो कॉल करने के लिए कहा गया. साड़ी पहनने के बाद उनसे अलग अलग एंगल से खुद को दिखाने और कुछ पोज देने को कहा गया. मुस्कान के अनुसार उस समय तक पूरा ऑडिशन सामान्य प्रक्रिया जैसा ही लग रहा था.
मुस्कान ने बताया कि अचानक बातचीत का रुख बदल गया. ऑडिशन लेने वाले ने उनसे कहा गया कि वह अपना ब्लाउज उतार दें. यह सुनकर वह पूरी तरह हैरान रह गईं. उन्होंने तुरंत सवाल किया कि इसकी क्या जरूरत है. जवाब में उन्हें कहा गया कि केवल एक खास लुक देखने के लिए ऐसा कहा जा रहा है और उन्हें कुछ दिखाने की जरूरत नहीं होगी. लेकिन यह तर्क उन्हें बिल्कुल भी सही नहीं लगा.